रांची, : निजी स्कूलों को अब निश्शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई) का अनुपालन हर हाल में करना होगा। आरटीई में निजी स्कूलों के लिए जो शर्ते अनिवार्य की गई हैं, उन्हें पूरा करना होगा। चाहे बीपीएल बच्चों के नामांकन का मामला हो या फिर प्रशिक्षित शिक्षकों से ही बच्चों को पढ़ाने का। राज्य सरकार आरटीई का अनुपालन नहीं करनेवाले स्कूलों से एनओसी वापस ले सकेगी। मानव संसाधन विकास विभाग ने इसके लिए नई एनओसी नियमावली बनाई है। उल्लेखनीय है कि किसी भी स्कूल को सीबीएसई व आइसीएसई से मान्यता लेने के लिए राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना पड़ता है। मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा एनओसी देने के लिए दिसंबर 2006 में नियमावली बनाई गई थी, जिसके आधार पर स्कूलों को एनओसी दिया जाता था लेकिन 21 अक्टूबर 2009 को इस नियमावली को निरस्त कर दिया गया था। निजी स्कूलों को नई एनओसी नियमावली तैयार dainik jagran 11/4/12