UPTET-ABHI AUR BADENGI MUSKILE ,BECHAINI
इलाहाबाद : हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती मामले में बेचैनी बढ़ गई है। विभाग के अधिकारी अदालत के फैसले का अध्ययन किया जा रहा है के सिवाय कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। अदालत के निर्देश पर अमल करने के लिए विभाग के पास फैसले की अधिकारिक प्रति मिलने के बाद से 15 दिनों का समय रहेगा। इन पंद्रह दिनों के भीतर विभाग दोबारा अदालत का रुख कर सकता है। इन सबके चलते प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों को शिक्षक मिलने में देरी हो सकती है। 16 जनवरी को अदालत से फैसला आने के बाद से अभ्यर्थियों में कोर्ट के निर्णय को लेकर असमंजस की स्थिति आ गई है। कोर्ट के निर्देश का पालन करने की सूरत में भर्ती प्रक्रिया समय से पूरी करना संभव नहीं होगा। इस तरह होनी है भर्ती: अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन पत्र लिए जाने के बाद जिलेवार मेरिट लिस्ट वेबसाइट पर जारी की जाएगी। फिर जिलेवार काउंसिलिंग की जाएगी जो जिला चयन समिति द्वारा होगी। डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में गठित होने वाली चयन समिति में बीएसए बतौर सदस्य सचिव, जीजीआइसी के वरिष्ठ प्रधानाचार्य और जिलाधिकारी द्वारा नामित उर्दू और हिंदी भाषा के विशेषज्ञ को सदस्य बनाया गया है। काउंसिलिंग के बाद पात्र अभ्यर्थियों को प्रशिक्षु शिक्षक पद पर नियुक्ति दी जाएगी। यह शिक्षक कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को पढ़ाएंगे और इन्हें 7300 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। इन प्रशिक्षु शिक्षकों को छह माह का विशेष प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान वाराणसी, इलाहाबाद और लखनऊ के कॉलेज ऑफ टीचर एजुकेशन में दिलाया जाएगा। इसके बाद तीन माह का विशेष सैद्धांतिक प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, सीटीई और आईएएसई में कराया जाएगा। news source-dainik jagran 20/01/2013
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