UPTGT-PGT- चयन बोर्ड के विवाद से अधर में लटकीं तीन हजार नियुक्तियां
लखनऊ : प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में प्रभारी जरूर नियुक्त कर दिया है लेकिन इसके दामन पर लगे दागों को धो पाना आसान नहीं है। अध्यक्ष और सदस्यों के बीच मुकदमेबाजी, चयन में धांधली के आरोपों और सदस्यों की कमी के चलते लगभग तीन हजार शिक्षकों और प्रधानाचार्यो की नियुक्ति अधर में लटकी हुई है। डेढ़ हजार से अधिक शिक्षकों के प्लेसमेंट भी लटके बताए जाते हैं। ऐसे में नया शिक्षा सत्र शुरू हो जाने के बावजूद स्कूलों को नये अध्यापकों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
तीन हजार पद, सदस्य तीन : चयन प्रक्रिया शुरू होने में सदस्यों की कमी भी एक बड़ा रोड़ा है। बोर्ड में अध्यक्ष को मिलाकर 11 सदस्य होते हैं। वर्तमान में सिर्फ चार ही सदस्य रह गए हैं। इसमें भी एक के कामकाज पर शासन ने रोक लगा दी है। सपा सरकार के गठन के बाद उम्मीद थी कि नये सदस्यों की नियुक्ति हो जाएगी लेकिन अभी यह मामला लटका हुआ है। ऐसे में सिर्फ तीन सदस्यों के सहारे बोर्ड का सुचारु ढंग से काम कर पाना मुश्किल है। सदस्य ही अध्यक्ष के साथ मिलकर नीतिगत फैसले लेते हैं। चयनप्रक्रिया में भी उनकी अहम भागीदारी है।