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Sunday, May 27, 2012

अब उत्तराखंड में भी बेरोजगारों को भत्ता


अब उत्तराखंड में भी बेरोजगारों को भत्ता
देहरादून : उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर अब उत्तराखंड के बेरोजगारों को भी राज्य की ओर से भत्ता दिया जाएगा। कैबिनेट ने शनिवार को बेरोजगारी और कौशल विकास भत्ता देने के महत्वपूर्ण फैसले पर मुहर लगा दी। इस वर्ष के आखिर तक बेरोजगारों को भत्ता मिलने लगेगा। दो वर्ष तक दिए जाने वाले इस भत्ते के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता बारहवीं पास रखी गई है। बारहवीं उत्तीर्ण को 500 रुपये, स्नातक को 750 रुपये और स्नातकोत्तर को 1000 रुपये मिलेंगे। भत्ता देने की अवधि में बेरोजगारों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि इसके बाद उन्हें रोजगार मिल सके। भत्ते की नियमावली में संशोधन किए जाएंगे। इसका जिम्मा श्रम एवं सेवायोजन सचिव को सौंपा गया है। कैबिनेट ने शनिवार को कांग्रेस घोषणापत्र में शामिल बेरोजगारी भत्ता देने के वायदे पर अमल किया। बेरोजगार एवं कौशल भत्ता नियमावली को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दे दी गई। यह भत्ता दो वर्ष तक मिलेगा। 25 से 35 वर्ष तक की आयु के बेरोजगार इसके पात्र होंगे। इससे राज्य के सरकारी खजाने पर सालाना तकरीबन 150 करोड़ का खर्च आएगा।
source-dainik jagran 27/5/12

Saturday, May 19, 2012

UTET-बीएड डिग्रीधारकों के लिए पैरवी


बीएड डिग्रीधारकों के लिए पैरवी

देहरादून: बीएड डिग्रीधारकों के लिए प्राइमरी शिक्षक बनने की बंद राह खुलवाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र में दस्तक दी है। इस बाबत एनसीटीई को पत्र भेजा गया है। उधर, हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन ने टीईटी अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

एनसीटीई की नई गाइड लाइन ने जनवरी, 2012 के बाद बीएड डिग्रीधारकों को बतौर प्राइमरी शिक्षक नियुक्ति नहीं दी जा सकती। इससे पहले टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) में पास बीएड डिग्रीधारकों को प्राइमरी शिक्षक बनाने की अनुमति है। बीएड प्रशिक्षितों की ओर से दबाव बढ़ने पर राज्य ने एक बार फिर एनसीटीई से दरख्वास्त की। इसके लिए बाकायदा सरकार की ओर से एनसीटीई को पत्र भेजा गया है। दरअसल, प्राइमरी शिक्षकों के काफी संख्या में रिक्त पद और उस मुताबिक अभी तक एनसीटीई के निर्देशों के मुताबिक डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन या बेचलर इन एलीमेंटरी एजुकेशन कोर्स शुरू नहीं हो पाया है। राज्य सरकार बीटीसी कोर्स का नया नामकरण भी कर चुकी है। नई व्यवस्था होने तक बीएड डिग्रीधारकों को प्राइमरी शिक्षकों के लिए पात्र माना जाए, यह पैरवी एनसीटीई से की गई है। उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तरप्रदेश समेत अन्य प्रदेशों ने भी एनसीटीई में यह गुहार लगाई है। फिलहाल एनसीटीई ने इस बारे में निर्देश जारी नहीं किए हैं। राज्यों को इन निर्देशों का बेसब्री से इंतजार है।

उधर, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद टीईटी पास अभ्यर्थियों के प्राइमरी शिक्षक बनने में अड़चन दूर हो गई है। बीटीसी प्रशिक्षुओं की ओर से इस बारे में आपत्ति जताई गई थी। हाईकोर्ट में मामला होने से शिक्षा महकमे को टीईटी के जरिए प्राइमरी शिक्षकों का चयन रुक गया था। अब हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद शासन ने महकमे को चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि आगामी डेढ़ से दो माह में टीईटी मेरिट के आधार पर 2253 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शिक्षा सचिव मनीषा पंवार ने हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर टीईटी अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। source-dainik jagran 19/5/12