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Sunday, May 6, 2012

सर्वशिक्षा के नाम पर ठगी

सर्वशिक्षा के नाम पर ठगी
लखनऊ: सर्वशिक्षा अभियान के नाम का इस्तेमाल कर कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह का अलीगंज पुलिस ने राजफाश किया। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य वकील शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भाई व अन्य साथी फरार हैं। यह लोग एक सांसद के छात्रावास में रहकर गोरखधंधा कर रहे थे। यहीं नहीं जालसाजी से पोस्ट बैग नंबर भी हासिल कर लिया था। डीआइजी आशुतोष पांडेय ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। डीआइजी ने पुलिस दल को पांच हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया है। निशातगंज के शिक्षा भवन स्थित सर्वशिक्षा अभियान परियोजना कार्यालय में आवेदक मनीष का आवेदन फार्म आया को अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जानकारी की गई तो पता चला कि कंप्यूटर सर्वशिक्षा अभियान के नाम पर किसी संस्था ने नौकरी के लिए आवेदन मांगे हैं। जालसाजों ने कंप्यूटर सर्वशिक्षा अभियान के तहत कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए जाली वेबसाइट तैयार की। 52 हजार कंप्यूटर ऑपरेटर का पद का विज्ञापन दिया। मामला जालसाजी का प्रतीत होने पर सर्वशिक्षा अभियान परियोजना कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार ने शुक्रवार को महानगर में अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जालसाजों द्वारा बनाई गई कंप्यूटर सर्वशिक्षा अभियान की वेबसाइट देखी तो पता चला कि जिस पोस्ट बैग संख्या-1 पर फार्म मंगाए जा रहे हैं, वह अलीगंज डाकघर से जारी किया गया है। इसी के बाद अलीगंज पुलिस ने छानबीन तेज कर दी। पड़ताल में सामने आया कि पोस्ट बैग संख्या-1 आजमगढ़ के सीताराम गौरी शंकर घाट निवासी संतोष जायसवाल के नाम से है। पोस्ट बैग संख्या अलीगंज सेक्टर डी-मकान नंबर एमएस 133, कंप्यूटर सर्वशिक्षा अभियान चेंबर नंबर-8 के पते पर लिया गया था। पुलिस ने उक्त कार्यालय में छानबीन की और पुरनिया सेक्टर-डी स्थित अवध बोर्डिग हॉस्टल से वकील शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। शिवेंद्र हाईकोर्ट का वकील है व बलरामपुर जिले के महराजगंज स्थित तुलसीपुर थाने के सुदर्शनजोत का रहने वाला है। अवध बोर्डिग हॉस्टल एक सांसद का है। शिवेंद्र ने बताया कि वह भाई सिद्धार्थ सिंह व उसके साथी संतोष के साथ यह काम कर रहा था।
news-dainik jagran 6/5/12

संकट में ग्रुप डी की भर्ती प्रक्रिया

संकट में ग्रुप डी की भर्ती प्रक्रिया
गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे में गु्रप डी भर्ती प्रक्रिया पर संकट के बादल हैं। कोर्ट के स्थगनादेश के चलते अभी 4549 अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए चक्कर लगा रहे हैं जबकि 4882 पदों पर छह मई से शुरू हो रही भर्ती प्रक्रिया रोकने के लिए कोर्ट में बहस चल रही है। 11 मई फैसले का दिन हो सकता है। कैट के निर्देश के बाद भी जब कैजुअल लेबरों की नियुक्ति नहीं हुई तो उन्होंने 4549 पदों के लिए 2010- 11 में शुरू हुई। 2007 में नियुक्ति प्रक्रिया को चैलेंज कर दिया गया। कोर्ट ने रोक लगा दी। पिछले माह उन्होंने धरना- प्रदर्शन भी किया। थक हार कर वे भी नई नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए कोर्ट की शरण में जा पहुंचे हैं। उधर, कैजुअल लेबर अभी नई भर्ती प्रक्रिया पर स्टे के लिए कैट की कोर्ट में जमे हैं। तीन और चार मई को कोर्ट में बहस हुई। कोर्ट ने रेलवे से 11 मई तक कुछ दस्तावेजों की मांग की है। दूसरी तरफ आनन-फानन नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
news-dainik jagran 6/5/12

दारोगा रैंकर परीक्षा : दांव-पेंच में उलझीं उम्मीदें

दारोगा रैंकर परीक्षा : दांव-पेंच में उलझीं उम्मीदें
लखनऊ: दारोगा बनने की हसरत में खून-पसीना बहाने वाले पुलिसकर्मियों की उम्मीदें अब कानूनी दांव-पेंच में उलझी हैं। एक ओर उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस रैंकर परीक्षा में असफल रहे पुलिसकर्मी कोर्ट की शरण में हैं तो दूसरी ओर यह परीक्षा पास करने के बाद भी दारोगा होने से अब तक वंचित पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री व अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाने में जुटे हैं। प्रमोशन में आरक्षण को खत्म किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को प्रदेश में लागू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद उत्तीर्ण पुलिसकर्मियों में भी खुशी की लहर है। प्रदेश पुलिस में विभागीय दारोगा की परीक्षा करीब 11 सालों बाद वर्ष 2011 में संपन्न कराई गई थी। परीक्षा में लगभग 55 हजार अभ्यर्थियों में से करीब 3891 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए थे। इनमें अधिकांश सिपाही व हेड कांस्टेबिल की उम्र 40 वर्ष के आसपास है। बताया गया कि शारीरिक दक्षता परीक्षा व समूह परिचर्चा परीक्षा के बाद करीब 3300 जवान सफल हुए थे। अब परीक्षा के दौरान 10 किलोमीटर की दौड़ का सामना कर चुके पुलिसकर्मियों को पदोन्नति का इंतजार है। सफल अभ्यर्थियों ने अपनी ट्रेनिंग प्रारंभ कराए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई है। पुलिसकर्मियों के मुताबिक जनता दरबार में भी सीधे मुख्यमंत्री से बातचीत कर न्याय मांगा था। news-dainik jagran 6/5/12

लाइसेंसिएट टीचर (एलटी), राजकीय इंटर कॉलेज और प्रवक्ता के 17620 पद रिक्त

लखनऊ। सरकार ने विभागीय कामकाम में तेजी लाने के लिए विभिन्न विभागों में खाली पदों को भरने और रिक्तियों की जानकारी जुटाने कवायद तेज कर दी है। ताकि अखिलेश सरकार द्वारा चुनावी घोषणा पत्र में लोगों से किए गए वादों को समय पर पूरा कर भरोसा कायम रखा जाए। इसी कड़ी में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने गत माह नियुक्ति विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी में 15 पदों पर 17620 पद रिक्त होने की जानकारी भिजवाई है। खाली पदों में निदेशक से लेकर डीआईएसओ, लाइसेंसिएट टीचर (एलटी), राजकीय इंटर कॉलेज और प्रवक्ता के खाली हैं।
20 अप्रैल को नियुक्ति विभाग ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों और सचिवों को पत्र लिखकर खाली पदों का विस्तृत ब्यौरा भिजवाने के निर्देश दिए थे। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव राजीव कुमार ने सभी प्रमुख सचिवों और सचिवों को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक के खाली पदों का ब्योरा भिजवाएं। उन्होंने यह भी कहा था पद खाली रहने और नियुक्ति नहीं होने के पीछे क्या कारण यह भी बताएं।
ऐसे में नियुक्ति विभाग को माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा भिजवाए गए रिपोर्ट में शिक्षकों के ज्यादातर पद खाली होने की पीछे चार मुख्य कारण बताएं हैं। इसमें लम्बे समय से शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होना, तेजी से शिक्षकों का रिटायर होना, शिक्षकों के प्रोन्नति से पद का खाली होना और स्कूलों को इंटर कॉलेज में अपग्रेड किया जाना आदि शामिल है। कहा गया है कि पिछले कुछ सालों में 565 से ज्यादा स्कूल खुले और अपग्रेड हुए हैं। लेकिन इन स्कूलों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई। इस दौरान नए कॉलेजों में पुराने स्कूल और कॉलेजों के शिक्षकों को समायोजित किया। news-amar ujala 6/5/2012

Saturday, May 5, 2012

आइएएस परीक्षा में महिलाओं का परचम

आइएएस परीक्षा में महिलाओं का परचम
नई दिल्ली : देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में लगातार दूसरे साल महिला उम्मीदवारों ने पहले दो स्थान पर कब्जा जमाकर फिर अपनी धाक जमाई है। बदले पैटर्न पर हुई इस बार की परीक्षा के नतीजों में देश की विविधता का अनोखा संगम देखने को मिला। शीर्ष 25 स्थान हासिल करने वाली अभ्यर्थी 16 राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा शुक्रवार को घोषित नतीजों के मुताबिक एम्स से एमबीबीएस शीना अग्रवाल ने आइएएस परीक्षा टॉप की है। यह उनका तीसरा प्रयास था। हरियाणा के यमुनानगर की शीना ने 12वीं पास करते ही कहा था, आइएएस बनूंगी। वर्ष 2009 में शीना संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में शामिल हुई। उसका आइआरएस (इंडियन रेवेन्यू सर्विस) के लिए चयन हुआ। गत पांच माह से शीना नागपुर में आइआरएस अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण भी प्राप्त कर रही है, लेकिन उसे और बुलंदियों को छूना था। मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज से सामाजिक उद्यम में स्नातकोत्तर रुक्मिणी रियाड़ ने पहले ही प्रयास में दूसरी रैंक हासिल की। आइआइटी दिल्ली से एमटेक प्रिंस धवन तीसरे स्थान पर रहे। वह भी पहली कोशिश में कामयाब रहे। टॉप 25 में ज्यादातर उम्मीदवार एम्स, आइआइएम और आइआइटी के पूर्व छात्र हैं। एक ने लंदन स्कूल आफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है और 12 ऐसे हैं जो पहले ही सिविल सेवा के लिए चुने जा चुके थे, लेकिन आइएएस पाने के लिए उन्होंने इस बार फिर परीक्षा दी थी। सबसे अहम बात यह रही कि नतीजे अखिल भारतीय तस्वीर पेश करते हैं। आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तराखंड के स्थायी निवासी उम्मीदवारों ने टॉप 25 में जगह बनाई है। इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि में भी पर्याप्त विविधता झलकती है। शीर्ष 25 के भावी सिविल सेवक शिक्षक, उद्यमी, निम्न मध्यम वर्ग, सैनिक, डॉक्टर, वकील और सिविल सेवकों के परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अनुसार कुल 1001 रिक्तियों के मुकाबले 910 उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन किया गया। दरअसल, आरक्षित श्रेणी के 91 अभ्यर्थियों ने सामान्य कोटे में जगह बनाई है। सफल उम्मीदवारों में 715 पुरुष और 195 महिलाएं हैं। इनका चयन आइएएस, आइएफएस, आइपीएस समेत विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए किया गया है।news-dainik jagran 5/5/12

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को लेना है फैसला



मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को लेना है फैसला
लखनऊ। टीईटी में सफल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति को लेकर दबाव बनाने की कोशिश की। राजधानी आकर पिछले दिनों धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आकर गुहार लगायी तो सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनादी है। इस समिति को 14 मई के पहले निर्णय लेना है। इसी महीने हाईकोर्ट में इसी मामले की सुनवाई भी होनी है। सूबे में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से सरकार के सामने शिक्षकों की भर्ती करना चुनौतीहै। करीब डेढ़ लाख परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के एक लाख से ज्यादा पद खाली हैं और शिक्षक लगातार रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में टीईटी पर सरकार को जल्द ही कोई फैसला लेना होगा।
news-rastriya sahara 5/5/12

next hearing date for upprt stay is 15/5/2012(likely)

‎?Court No. - 33
Case :- WRIT - A No. - 76039 of 2011
Petitioner :- Yadav Kapildev Lal Bahadur
Respondent :- State Of U.P. & Others
Petitioner Counsel :- Alok Kumar Yadav,Rajesh Yadav
Respondent Counsel :- C.S.C.,K.S. Kushwaha
Hon'ble Arun Tandon,J.
Matter has been heard at length.
The issue which needs clarification is as to whether the persons like the petitioners, who have alreadyundergone B.T.C. Training andare graduate and have also cleared T.E.T., would further be required to be appointed as Teachers' Trainee in termsof the advertisement and the corrigendum issued on 02.12.2011 or else they would be appointed directly in Parishadiya Vidyalaya as Assistant Teachers, being possessed of all prescribed minimum qualification in terms of U.P. Basic Education Teachers Service Rules, 1981or not.
Sri K.S. Kushwaha, Standing Counsel seeks time to file an affidavit of the Secretary.
Let him do so by the next date.
List on 15.05.2012 along with Writ Petition No. 29 of 2012.
Interim order to continue till then.
Order Date :- 2.5.2012

टीईटी घोटाले के आरोपी माध्यमिक शिक्षा के पूर्व निदेशक संजय मोहन ने वृंदावन योजना में एक निर्माणाधीन पब्लिक स्कूल में करीब दो करोड़ रुपये लगाए हैं।

पूर्व शिक्षा निदेशक ने लगाए दो करोड़
 लखनऊ टीईटी घोटाले के आरोपी माध्यमिक शिक्षा के पूर्व निदेशक संजय मोहन ने वृंदावन योजना में एक निर्माणाधीन पब्लिक स्कूल में करीब दो करोड़ रुपये लगाए हैं। वह निर्माण कार्य देखने वाले संजय गांधी पुरम निवासी देवेंद्र पांडेय से फोन के जरिए निर्माण से जुड़ी जानकारियां भी लेते रहते थे। डीआइजी आशुतोष पांडेय के मुताबिक पूर्व शिक्षा निदेशक ने अपने एक करीबी अशफाक के जरिए रकम देवेंद्र को छिपाने के लिए दी थी। अशफाक पब्लिक स्कूल के निर्माण कार्य का सुपरवाइजर है। पुलिस ने अशफाक व उसके बहनोई फारुख शेख की तलाश में कई स्थानों पर दबिशें दीं, लेकिन उनका कुछ पता नहीं लगा सकी हैं। गाजीपुर पुलिस ने गुरुवार रात देवेंद्र पांडेय को गिरफ्तार कर 17 लाख रुपये बरामद किए थे। डीआइजी ने बताया देवेंद्र ने पूछताछ में पूर्व शिक्षा निदेशक से जुड़े कई राज उगले हैं। देवेंद्र वृंदावन योजना में लोकेश सिंह के निर्माणाधीन पब्लिक स्कूल में देखरेख का काम करता था। देवेंद्र का वेतन नौ हजार रुपये मासिक था। पूर्व शिक्षा निदेशक ने फरवरी में अपनी गिरफ्तारी से पहले अशफाक व उसके बहनोई फारुख के जरिए भ्रष्टाचार के जरिए कमाई गई रकम को ठिकाने लगाया था। इसी कड़ी में पूर्व शिक्षा निदेशक ने 17 लाख रुपये अशफाक के जरिए देवेंद्र पांडेय तक पहुंचाए थे, ताकि वह इस रकम को छिपाकर रख सके। देवेंद्र ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले अशफाक ने उससे रकम को कहीं और ले जाकर रखने की बात भी कही थी। डीआइजी के मुताबिक देवेंद्र ने बताया कि पूर्व शिक्षा निदेशक ने बीते दो वर्ष में करीब दो करोड़ रुपये स्कूल के निर्माण कार्य में लगाए हैं। वह कई बार यहां निर्माण कार्य देखने भी आए थे। इसके अलावा देवेंद्र से मोबाइल फोन के जरिए हर 10 से 15 दिनों के बीच निर्माण संबंधी जानकारी भी लेते रहते थे। news-dainik jagran 5/5/12

समायोजित किए जाएंगे शिक्षामित्र

समायोजित किए जाएंगे शिक्षामित्र

लखनऊ, जागरण ब्यूरो : नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के लागू होने के दो वर्ष बाद भी प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 2.58 लाख शिक्षकों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों को समायोजित करने की योजना है।
इस योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को दो वर्षों में दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी कराने का इरादा है। वहीं इंटर पास शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा के जरिये बीटीसी कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से अनुमति मांगने की योजना तैयार की है। सपा ने चुनावी घोषणा पत्र में एलान किया था कि प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को दो वर्षों में समायोजित कर दिया जाएगा। सत्तारूढ़ सपा सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बेसिक शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें शिक्षकों की कमी दूर करने को यही नुस्खा सुझाया गया है। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 1.70 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1.24 लाख शिक्षामित्र स्नातक उत्तीर्ण हैं जबकि शेष 46 हजार इंटरमीडिएट उत्तीर्ण हैं। एनसीटीई ने सरकार को स्नातक शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी कराने की अनुमति जनवरी 2011 में दी थी। इसी आधार पर 62 हजार शिक्षामित्रों के पहले बैच की ट्रेनिंग जुलाई 2011 से शुरू की गई थी news-dainik jagran 5/5/12

basic teachero ki kami dur karne ko sichamitro par dav


Gujarat TET : टेट की भी "रेट"




 Gujarat TET : टेट की भी "रेट"

सूरत। गुजरात
शिक्षा विभाग ने
प्राथमिक एवं माध्यमिक
स्तरीय
शिक्षकों की नियुक्ति को
लेकर नियमों के बदलाव किया है। इसके तहत टेट (टीचर
इलीजीब्लीटी टेस्ट) परीक्षा के अंकों का "मोल"
तय किया गया है। वहीं स्नातक एवं स्नातकोत्तर जैसी योग्यताओं के भी अलग से अंक निर्घारित किए गए हैं, जो पदोन्नति के दौरान भी लागू होंगे। आम सूचना के तहत बदलाव नियमों को विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है। गुजरात में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टेट की अनिवार्यता तय की गई है। इस हिसाब से नियमों में
बदलाव किया गया है।
सूची में चित्रकला शिक्षक,
व्यायाम शिक्षक, संगीत
शिक्षक तथा क्राफ्ट एंड
इन्डस्ट्री ट्रेनिंग शिक्षक की योग्यता का माप दंड
आंका गया है। वहीं नियुक्ति से लेकर बर्खास्तगी तक के नियमों का उल्लेख भी किया है। नियमों में शिक्षकों के शैक्षणिक योग्यता एवं टेट परीक्षा परिणामों के अंकों को जोड़कर योग्यता तय की जाएगी। यह रहेगी जोड़-बाकी - परिवर्तित नियमों के तहत प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक के उम्मीदवार की स्नातक डिग्री के 10 अंक, पीजी डिग्री के 10, प्रोफेशनल डिग्री कोर्स के 5 अंक और प्रोफेशनल पीजी डिग्री के 5 अंक तय किए गए हैं, जो अधिकतम 30 अंकों तक होंगे। इसी तरह चित्रकला शिक्षक की योग्यता के लिए डिप्लोमा डिग्री के 15 अंक, स्नातक डिग्री के 15 अंक, व्यायाम शिक्षक की योग्यता के लिए एचएसएस के 5 अंक, सी.पी के 5 अंक, डी.पी के 5 अंक, स्नातक डिग्री के 10 अंक और डिप्लोमा के 5 अंक, तथा क्राफ्ट एंड इन्डस्ट्री शिक्षक की योग्यता के लिए एचएससी के 10 अंक, डिप्लोमा के 10 अंक और स्नातक डिग्री के 10 अंक और संगीत शिक्षक की योग्यता के लिए एचएससी के 15 अंक और स्नातक डिग्री के 15 अंक के अनुपात को मिलाकर शैक्षणिक योग्यता के 30 अंकों को मापदण्ड बनाया गया है। वहीं टेट परीक्षा में से उम्मीदवार को 70 अंक प्राप्त करने होंगे। इस आधार पर 70 एवं 30 अंकों को जोड़कर मेरिट सूची बनाई जाएगी। News : Patrika (4.5.12)

एम्स से एमबीबीएस शेना अग्रवाल ने अपने तीसरे प्रयास में आइएएस परीक्षा टॉप की।

कुल आवेदक 4,72,290 परीक्षा में बैठे 2,43,003 मुख्य परीक्षा दी 11,984 साक्षात्कार दिया 2417 रुक्मिणी रियाड़ रहीं द्वितीय स्थान पर, प्रिंस धवन को तीसरा स्थान 910 सफल अभ्यर्थियों में 195 महिलाओं ने बनाया स्थान  इलाहाबाद : इस वर्ष आइएएस में इलाहाबाद का प्रदर्शन साख के अनुरूप भले ही नहीं रहा, यद्यपि गुदड़ी के करीब डेढ़ दर्जन लालों ने शहर की नाक बचाए रखी है। इलाहाबाद से आइएएस में चयनित होने वालों में अभिजीत ने 228वीं रैंक हासिल की। नैनी के अश्विनी कुमार पांडेय ने 412वीं रैंक प्राप्त की है। इलाहाबाद विवि के विधि छात्र दिलीप कुमार शुक्ला ने 780वीं रैंक हासिल की है। इलाहाबाद विवि के अजय कुमार पाल ने 631वीं रैंक हासिल की। इसके अलावा एएन झा के अंत:वासी रहे राहुल यादव ने 628वीं रैंक हासिल की है। इसी हॉस्टल के हिमांशु गौतम ने आइएएस में 834वीं रैंक हासिल की है जबकि प्रताप गोपेंद्र यादव ने 292वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा सचिन कुमार ने भी 633वीं रैंक हासिल की है। अमित और संदीप ने भी क्रमश: 610वीं और 806वीं रैंक हासिल की है। राकेश रंजन ने 515वीं, मो. इम्तियाज आलम ने 649वीं और जया राय ने 733वीं रैंक हासिल की। प्रतापगढ़ से भी कृष्ण कुमार मिश्र, लालगंज बाजार निवासी डॉ. अतुल का आइएएस में चयन हुआ है। उन्होंने 184वीं रैंक हासिल की है। कंधई क्षेत्र के प्रेमधर पट्टी बारघाट के द्वारिका प्रसाद पांडेय के पुत्र अश्वनी पांडेय का चयन भी आइएएस में हुआ है। इलाहाबाद, वरिष्ठ संवाददाता : संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में फिर महिलाओं ने धाक जमाई है। शुक्रवार को घोषित आइएएस-2011 के अंतिम परिणाम में शेना अग्रवाल प्रथम व रुक्मिणी रायर दूसरे स्थान पर रहीं। प्रिंस धवन को तीसरा स्थान मिला है। आयोग द्वारा 910 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है, जिनमें 195 महिलाएं शामिल हैं। आइएएस टॉप करने वाली शेना अग्रवाल ने ऑल इंडिया स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज, दिल्ली से एमबीबीएस किया है। उन्हें यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में मिली है। दूसरा स्थान पाने वाली रुक्मिणी रियाड़ का यह प्रथम प्रयास था। उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई से मास्टर डिग्री ली है। तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रिंस धवन आइआइटियन हैं। उन्होंने आइआइटी दिल्ली से इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग में एमटेक किया है। यह सफलता उन्होंने पहले प्रयास में हासिल की है। सबसे अहम बात रही कि नतीजे अखिल भारतीय तस्वीर पेश करते हैं। 16 राज्यों के उम्मीदवारों ने टॉप 25 में जगह बनाई है। एम्स से एमबीबीएस शेना अग्रवाल ने अपने तीसरे प्रयास में आइएएस परीक्षा टॉप की। 6शीर्ष दो स्थानों पर कब्जा करके महिला अभ्यर्थियों ने बजाया डंका 6टॉप 25 में एम्स, आइआइएम और आइआइटी के पूर्व छात्रों की धूम news-dainik jagran 5/5/12

Friday, May 4, 2012

एक लाख शिक्षकों की होगी भर्ती 72 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने की तैयारी


एक लाख शिक्षकों की होगी भर्ती
72 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने की तैयारी
लखनऊ । प्रदेश सरकार एक लाख नए शिक्षकों की भर्ती करेगी। इसके बाद प्रत्येक वर्ष रिटायर होने वाले शिक्षकों की रिक्तियों के आधार पर भर्ती की जाएगी। इससे पहले उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली को संशोधित किया जाएगा। इसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अर्हता के स्थान पर पात्रता किया जाएगा।
नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले बसपा सरकार द्वारा 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए शुरू की गई प्रक्रिया निरस्त कर दी जाएगी। इसी तरह स्नातक पास 1.24 लाख शिक्षा मित्रों को 2015 तक प्रशिक्षण देने के कार्यक्रम में संशोधित किया जाएगा, अब 2014 तक सभी शिक्षा मित्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी। यह निर्देश बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक में दिए।

जांच के घेरे में टीजीटी पीजीटी चयन प्रक्रिया

जांच के घेरे में टीजीटी पीजीटी चयन प्रक्रिया
इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों के बीच छिड़े घमासान के बीच शासन ने प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) 1/2010 व प्रवक्ता (पीजीटी) 2/2010 के सभी रिकॉर्ड तलब कर लिए हैं। इसी मामले में अध्यक्ष व एक सदस्य पर टीजीटी व पीजीटी की नियुक्तियों में गड़बड़ी का आरोप लगा था। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में प्रशिक्षित स्नातक व प्रवक्ता के पदों पर नियुक्ति के लिए आठ सितंबर 2010 को आवेदन मांगे थे। आवेदन प्रक्रिया तथा परीक्षा तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. चैनसुख भारती के कार्यकाल में आयोजित की गई थी। उनके रिटायरमेंट के बाद डॉ. आरपी वर्मा अध्यक्ष बने। टीजीटी व पीजीटी के साक्षात्कार डॉ.आरपी वर्मा के कार्यकाल में हुए। अंतिम परीक्षा परिणाम की घोषणा 17 फरवरी 2012 को की गई। परिणाम आने के बाद अभ्यर्थियों ने नियुक्तियों में फर्जीवाड़े की शिकायत की। जांच में पता चला कि पांच ऐसे अभ्यर्थी अंतिम रूप से चयनित हो गये जो लिखित परीक्षा में सफल ही नहीं हुए थे। इनमें एक अभ्यर्थी अध्यक्ष की बहन व एक भाई था। तत्कालीन सदस्य डॉ. दशरथ चौधरी का बेटा भी बिना लिखित परीक्षा में सफल हुए चयनित हो गया। दो और अभ्यर्थी अधिकारियों के रिश्तेदार थे। कौन-कौन सी जांच लंबित -अध्यक्ष पर हमले के मामले में शासन स्तर पर जांच चल रही है। -अध्यक्ष पर अपने रिश्तेदारों को बिना लिखित परीक्षा में सफल हुए चयनित करने के मामले में जांच। -बोर्ड के सदस्य डॉ. केशरी नंदन मिश्र व पूर्व सदस्य डॉ. सतीश दुबे के खिलाफ भी जांच चल रही है। -फर्जी शिक्षकों की नियुक्तियों के मामले में भी चयन बोर्ड अपने स्तर पर जांच करा रहा है। news-dainik jagran 4/5/12

आइएएस प्रारंभिक परीक्षा के प्रवेश पत्र ऑनलाइन

आइएएस प्रारंभिक परीक्षा के प्रवेश पत्र ऑनलाइन
इलाहाबाद : संघ लोक सेवा आयोग ने आइएएस परीक्षा के प्रवेश पत्र गुरुवार को ऑनलाइन कर दिए हैं। साथ ही अस्वीकृत किए गए आवेदन पत्रों से संबंधित विवरण को कारण सहित ऑनलाइन किया गया है। 20 मई को देशभर में एक साथ होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र संघ लोक सेवा आयोग की वेबसाइट यूपीएससी.जीओवी.इन से डाउनलोड किए जा सकते हैं। संघ लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों को उनके ईमेल पर भी परीक्षा केंद्र के बारे में जानकारी देने की व्यवस्था की है। हालांकि इस बार केवल ई-प्रवेश पत्र ही जारी करने की घोषणा की है। डाक से प्रवेश पत्र नहीं भेजे जाएंगे। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि यदि अभ्यर्थी के ई-प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं लगी है या स्पष्ट नहीं है तो परीक्षा केंद्र पर पहचान का प्रमाण पत्र लेकर ही जाएं। इसके अलावा प्रवेश पत्र के दो प्रिंटआउट सहित दो फोटोग्राफ लाना होगा। किसी प्रकार की विसंगति की स्थिति में अभ्यर्थियों को पांच मई तक आयोग को ईमेल के माध्यम से अवगत कराना होगा।news-dainik jagran 4/5/12

प्रबंधतंत्र से शिक्षकों की नियुक्ति गैरकानूनी

प्रबंधतंत्र से शिक्षकों की नियुक्ति गैरकानूनी
लखनऊ : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम फैसला देते हुए कहा है कि प्रबंध तंत्र द्वारा संचालित सहायता प्राप्त इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रबंधतंत्र द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति किया जाना विधि विरुद्ध है। अदालत ने कहा है कि ऐसे शिक्षकों को सरकारी खजाने से वेतन पाने का अधिकार नहीं है। पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिला विद्यालय निरीक्षक की अनुमति के बिना प्रबंधतंत्र सीधे शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति अनिल कुमार की एकल पीठ ने शिक्षकों द्वारा वेतन दिलाने की मांग वाली 160 याचिकाओं को एक साथ खारिज करते हुए दिए हैं। पीठ ने कहा कि करीब दो हजार याचिकाएं पीठ के समक्ष इसी मामले की विचाराधीन है। अदालत ने कहा कि ऐसे शिक्षकों को वेतन मिल रहा है, उसकी वसूली नहीं की जा सकती, लेकिन यदि सरकार चाहे तो इस वेतन के पैसे की वसूली प्रबंधतंत्र अथवा जिम्मेदार व्यक्ति से कर सकती है। पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम एवं उत्तर प्रदेश सेकेंड्री एजूकेशन कमीशन एंड सेलेक्शन बोर्ड के तहत मैनेजमेंट द्वारा सीधी नियुक्ति गैरकानूनी है। याचिका में दायर कर अदालत से याची गणों ने मांग की थी कि उनकी नियुक्ति प्रबंधतंत्र ने कर ली है, लेकिन वेतन नहीं दिया जा रहा है। news-dainik jagran 4/5/12

Thursday, May 3, 2012

सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सुनवाई 15 को

सहायक अध्यापक भर्ती मामले में सुनवाई 15 को
 सहायक अध्यापकों की भर्ती और चयन के मामले में हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा सचिव से हलफनामा मांगा है और कहा है कि सचिव बताएं कि टीईटी उत्तीर्ण बीटीसी अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए क्यों बाध्य किया जा रहा है। याचिका की अगली सुनवाई की तारीख 15 मई नियत की गयी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की तैनाती विज्ञापन की वैधता की चुनौती में दाखिल याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है। news-dainik jagran 3/5/12

सहायक अध्यापकों की भर्ती को जारी विज्ञापन पर रोक जारी रख कोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 मई को नियत की है

बीटीसी अभ्यर्थियों को
नहीं करनी होगी ट्रेनिंग
 टीईटी उत्तीर्ण बीटीसी अभ्यर्थियों को सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के बाद छह माह का प्रशिक्षण नहीं प्राप्त करना होगा। हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा सचिव को इस आशय का हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के सहायक अध्यापक पद पर चयन और नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश दिया।
याची शिवानी सिंह के अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा, बीटीसी अभ्यर्थी विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं। उनकी भी बीएड व अन्य अभ्यर्थियों के साथ टीईटी की मेरिट तैयार की गई है। विज्ञापन के अनुसार सहायक अध्यापक पद पर चयन के बाद सभी को छह माह का अनिवार्य प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। कोर्ट ने कहा, जो विशेष तौर से प्रशिक्षित अभ्यर्थी हैं उनको पहले अवसर मिलना चाहिए। सहायक अध्यापकों की भर्ती को जारी विज्ञापन पर रोक जारी रख कोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 मई को नियत की है।news-amar ujala 3/5/12

Wednesday, May 2, 2012

new date of hearing on uptet prt stay is 15/5/2012(likely)

new date of hearing on uptet prt stay is 15/5/2012(likely).i will give you more details shortly.

final hearing of uptet prt stay is today(2/5/2012)?

टीईटी में चयनित 72,800 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक के मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अरुण टण्डन ने दो मई की तिथि नियत की है। याची अधिवक्ता आलोक यादव का कहना है कि उप्र. बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली 1981 के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को ही नियुक्ति का ...अधिकार है। नियम के विपरीत चयन बोर्ड ने सभी बीएसए की तरफ से नियुक्ति अधिसूचना जारी की है। याची का यह भी कहना है कि शासनादेश के तहत चयन की विज्ञप्ति स्वयं उस शासनादेश के विपरीत है। चयन का आधार शैक्षिक योग्यता को मानक बनाया जाएगा न कि टीईटी के प्राप्तांक को।  news -amar ujala

स्नातक में प्रवेश पर ही मिलेंगे टैबलेट लैपटाप


स्नातक में प्रवेश पर ही मिलेंगे टैबलेट लैपटाप
 महोबा। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद अगली कक्षा में प्रदेश के विद्यालयों में दाखिला लेने पर ही छात्रों को लैपटाप और टैबलेट पीसी मिल सकेगा लेकिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण ऐसे छात्रों को यह सुविधा नहीं मिलेगी, जो अगली कक्षा में प्रवेश नहीं लेंगे। सपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे के मुताबिक राज्य के हाई स्कूल इंटर उत्तीर्ण छात्रों को लैपटाप और टैबलेट देने की तैयारी को अंतिम रूप देकर शासनादेश जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत ऐसे छात्र छात्राएं जो हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा वर्ष 2012 में पास करने के बाद राज्य के अधीन किसी भी विद्यालय अथवा महाविद्यालय में अगली कक्षा में प्रवेश प्राप्त कर लिया हो। भले ही वह किसी भी प्रकार के वित्तविहीन या अन्य ऐसे शिक्षण संस्थान में शिक्षा ग्रहण कर रहा हो जिसकी राज्य सरकार द्वारा विधिवत मान्यता दी गई हो। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल राज्य के अंदर शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र ही लैपटाप और टैबलेट के लिए पात्र होगें। जिला विद्यालय निरीक्षक अपने स्तर से सभी बोर्ड परीक्षा 2012 में उत्तीर्ण छात्र छात्राओं की 10वीं, 12वीं की मार्कशीट के साथ आवेदन पत्र में यह प्रमाण पत्र भी लेंगे कि अमुक पात्र छात्र अगली कक्षा में प्रवेश ले चुका है। इसका प्रवेश प्रमाण पत्र संबंधित विद्यालय द्वारा जारी संलगभन करना होगा। सम्यक जांच पड़ताल के बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति जिसमें विधायक, सांसद, सीडीओ, जिला विद्यालय निरीक्षक, वित्त एवं लेखाधिकारी, जीजीआईसी के प्राचार्य के अलावा अन्य कालेजों के प्राचार्य जिन्हें जिलाधिकारी उचित समझें अपना अनुमोदन कर शासन को अंतिम रूप से स्वीकृत सूचियां भिजवाएगी। इसके आधार पर ही लैपटाप और टैबलेट पीसी के वितरण का कार्यक्रम शासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा। कोचिंग करने वालों को नहीं मिलेगी सुविधा महोबा। विज्ञान वर्ग से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तीर्ण करने के बाद 50 फीसदी छात्र कक्षा में प्रवेश न लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल कोर की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए महानगरों में चले जाते हैं और निजी कोचिंगों में प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने लगते हैं। साथ ही स्नातक कक्षाओं में प्रवेश लेकर अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहते। ऐसे छात्रों को राज्य सरकार लैपटाप और टैबलेट पीसी की सुविधा नहीं देगी। news-amar ujala 2/5/12

परीक्षा के तारीख टकराने से अभ्यर्थी परेशान


परीक्षा के तारीख टकराने से अभ्यर्थी परेशान
मुरादाबाद। दो एंट्रेंस प्रवेश परीक्षा की तारीख टकराने से अभ्यर्थियों के सामने दुविधा की स्थिति बन गई है। एक जून को एमएड और पीएचडी की प्रवेश परीक्षा कराई जानी है। अगर परीक्षा की तिथि नहीं बदली जाती है उन्हें एक परीक्षा छोड़नी पड़ेगी। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की एमएड प्रवेश परीक्षा की तारीख एक जून घोषित की गई थी। वहीं इस बार बीएड के साथ पीएचडी की प्रवेश परीक्षा डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद की ओर से कराई जा रही है। पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तारीख 29 अप्रैल घोषित की गई थी। लेकिन बीएड एंट्रेंस एग्जाम के चलते इसकी तिथि बदल दी गई। अब से बढ़कर एक जून कर दिया गया है। ऐसे में एक ही दिन में दो परीक्षाएं कराई जाएंगी। बड़ीं संख्या में अभ्यर्थियों ने दोनों के लिए आवेदन किया है। ऐसे में उनके सामने दुविधा की स्थिति पैदा हो गई है। उन्हें एक परीक्षा छोड़नी होगी। पीएचडी का फार्म 800 रुपये और एमएड के फार्म की कीमत लगभग 1200 रुपये थी। ऐसे में उनकी जेब पर भी झटका लगेगा। अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तारीख बदले जाने की मांग उठाई है। news-amar ujala 2/5/12
 

अधर में लटकी हजारों युवकों की भर्ती प्रक्रिया


अधर में लटकी हजारों युवकों की भर्ती प्रक्रिया
मेरठ : प्रदेश में करीब दो लाख 77 हजार सब इंस्पेक्टर और 13 लाख कांस्टेबल की भर्ती की आस लगाए युवाओं का भविष्य अधर में है। भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने की मांग को लेकर मंगलवार को दर्जनों युवकों ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार से युवाओं के भविष्य का फैसला तुरंत करने की मांग की। प्रदर्शन करने वाले युवकों का कहना था कि उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल की लगभग चार हजार एसआई और करीब 45 हजार कांस्टेबल के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिसमें एसआई का प्री एग्जाम भी करा दिया गया। भर्ती बोर्ड की ओर से इसका रिजल्ट 25 दिसंबर तक घोषित करने के लिए कहा गया था, वहीं कांस्टेबल की भर्ती के लिए फिजिकल काल लेटर भी जारी कर दिया गया, लेकिन प्रदेश में बसपा की सरकार बदलने के बाद सारी भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई है। इससे बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। युवकों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। इस मामले को लेकर वे 16 मई को लखनऊ जनता दरबार में जाने के मूड में है। सर्वेश कुमार, अभिनव सिरोही, रवि चौधरी आदि रहे।news-amar ujala 2/5/12

Tuesday, May 1, 2012

डीयू में आनलाइन व आफलाइन आवेदन

डीयू में आनलाइन व आफलाइन आवेदन पटना, शिक्षा प्रतिनिधि : दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों के लिए राहत की खबर है। विश्वविद्यालय आनलाइन आवेदन के साथ ही एक बार फिर कागजी आवेदन फार्म भरने की सुविधा देगा। यानी आनलाइन और आफलाइन दोनों तरीके से विश्वविद्यालय में आवेदन करना संभव होगा। पिछले साल कागजी आवेदन फार्म जमा करने की सुविधा विवि ने समाप्त कर दी थी। वहीं अगले हफ्ते तक विश्वविद्यालय नई दाखिला नीति की भी घोषणा कर सकता है

टैबलेट-लैपटॉप देने के मानक तय सीबीएसई, आईसीएससी के विद्यार्थी भी होंगे लाभान्वित

टैबलेट-लैपटॉप देने के मानक तय
सीबीएसई, आईसीएससी के विद्यार्थी भी होंगे लाभान्वित
 लखनऊ। सरकार ने सूबे के 10वीं पास कर 11वीं और 12वीं पास कर उच्च शिक्षा में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट और लैपटॉप देने के मानक तय कर दिए हैं। इस सिलसिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष यानि 2012 में विद्यार्थियों को टैबलेट पीसी और लैपटॉप देने का शासनदेश जारी कर दिया है।
विभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के अधीन राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट एवं लैपटॉप उपलब्ध कराया जाएगा। शासनदेश में कहा गया है कि टैबलेट और लैपटॉप की खरीद केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत ग्लोबल टेंडर के माध्यम से होगी।
ये होंगे मानक
जिलास्तर पर रहेंगे रिकॉर्ड
जिले में डीएम होंगे अध्यक्ष
जिले में मंत्री बांटेंगे
•माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी किया शासनादेश
•राज्य स्तर पर होगी टैबलेट-लैपटॉप की खरीद
news-amar ujala 1//5/12

टीईटी परीक्षा सकारात्मक रुख के साथ फैसला दो मई तक सुरक्षित


टीईटी परीक्षा
सकारात्मक रुख के साथ फैसला दो मई तक सुरक्षित
नियम विरुद्ध निकाले गए भर्ती विज्ञापन को किया था चैलेंज

बड़ौत, जागरण कार्यालय : प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की 72,825 पदों पर भर्ती से संबंधित केस में इलाहाबाद हाइकोर्ट ने सकारात्मक रुख अपनाया है। सोमवार को आधे घंटे की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने अपना फैसला दो मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट के सकारात्मक रुख से जहां शिक्षक भर्ती के बहाल होने के उम्मीद जगी है, वहीं केस लड़ रहे टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की बांछें खिल गई हैं।
अध्यापक सेवा नियमावली के विरुद्ध सक्षम अधिकारी द्वारा शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं करने के मामले में हाइकोर्ट ने वादी-प्रतिवादी पक्ष को सुना। कोर्ट में मौजूद रहे टीईटी संघर्ष मोर्चा के जिला प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने वादी अधिवक्ता से पूछा कि उन्हें किस बात पर आपत्ति है। वादी अधिवक्ता ने बताया कि शिक्षक भर्ती का विज्ञापन सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया है, जो अध्यापक सेवा नियमावली (1961) के विरुद्ध है। इस पर कोर्ट ने वादी अधिवक्ता से पूछा कि क्या टीईटी के आधार पर बनाई जाने वाली मेरिट पर तो कोई ऐतराज नहीं है। वादी अधिवक्ता ने कहा कि टीईटी मेरिट को भर्ती का आधार बनाने पर कोई दिक्कत नहीं हैं। न्यायमूर्ति ने नियम के मुताबिक विज्ञापन जारी करने की बात कहते हुए अपना फैसला दो मई तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। इधर, इस संबंध में सोमवार को मैनपुरी में जारी एक बयान में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर टीईटी पर सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया जाएगा। बहरहाल, हाई पावर कमेटी की जांच के बाद जहां टीईटी को निरस्त किए जाने की संस्तुति राज्य सरकार से की जा चुकी है, वहीं कोर्ट इतनी बड़ी तादाद में उत्तीर्ण अभ्यथिर्यों के प्रति सहानुभूति रुख अपनाते हुए इस भर्ती को रद करने के पक्ष में नहीं दिखाई दे रहा है। news-dainik jagran 1/5/12

निरस्त नहीं होगी टीईटी परीक्षा

निरस्त नहीं होगी टीईटी परीक्

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मामले पर एक हफ्ते में निर्णय ले लिया जाएगा। इसके बाद शिक्षकों की भर्तियां शुरू कर दी जाएंगी। सोमवार को मैनपुरी में एक विवाह समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह बात कही। उधर, मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में गठित हाई पावर कमेटी ने टीईटी मामले की जांच पूरी करते हुए रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे शीघ्र की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंप दी जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि टीईटी को अर्हता परीक्षा न मानते हुए पात्रता परीक्षा माना जाएगा। शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी से मेरिट न बनाकर शैक्षिक योग्यता के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। जांच के दौरान यह भी पाया गया है कि अंक बढ़ाने के नाम पर करीब 27 हजार ऑसर शीट में हेराफेरी की गई है। इसलिए इतने हीअभ्यर्थियों को इससे अलग रखा जाएगा। इससे टीईटी के निरस्त किए जाने की संभावना काफी हद तक कम हो गई है।
news-amar ujala 1/5/12

टीजीटी-पीजीटी परिणाम में अनियमितता पर शासन ने कसा शिकंजा

इलाहाबाद। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ.आरपी वर्मा पर शासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। टीजीटी-पीजीटी परिणाम में भारी अनियमितता सामने आने का बाद शासन ने उनके खिलाफ जांच कमेटी बना दी है। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने प्रमुख सचिव (चीनी विभाग) संजीव नायर को जांच सौंपी है। जांच अधिकारी को एक महीने में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने रिश्तेदारों को शिक्षक बनाने के लिए परिणाम में गड़बड़ी की। परिणाम में अनियमितता का यह मामला ‘अमर उजाला’ ने 21 फरवरी के अंक में उठाया था। चयन बोर्ड ने टीजीटी के परिणाम जारी किए तो अभ्यर्थियों ने आरोप लगाए कि उनमें से कई ऐसे अभ्यर्थियों को चयनित दिखा दिया गया जो मुख्य परीक्षा में फेल थे। अभ्यर्थियों ने सुबूत के तौर पर दोनों रिजल्ट की प्रतियां भी पेश कीं। शिकायत शासन से हुई। शासन से जांच होती, इससे पहले ही चयन बोर्ड अध्यक्ष ने टीजीटी और पीजीटी के परिणाम बदलवा दिए और कहा कि बाबुओं की गलती से ऐसा हुआ। हालांकि बाद में सामने आया कि उसमें उनके रिश्तेदार, एक सदस्य का बेटा और कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों की संतानें थीं। परिणाम में बदलाव के बाद भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे। चयन बोर्ड अध्यक्ष पर ताजा आरोप टीजीटी सामाजिक विज्ञान, कला और पीजीटी हिन्दी, इतिहास, समाजशास्त्र, कला, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र, शिक्षाशास्त्र के परिणाम में धांधली को लेकर है। इससे पहले भी चयन बोर्ड में सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान डॉ.आरपी वर्मा पर साथी सदस्यों के साथ मारपीट के भी आरोप लग चुके हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कुछ अन्य लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। news-amar ujala 1/5/12