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Friday, May 11, 2012

दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की दौड़ चार जून से शुरू होगी



दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की दौड़ चार जून से शुरू होगी। इस बार आवेदन फार्म लेने के लिए छात्रों को कालेज दर कालेज चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

आवेदन प्रक्रिया की भागदौड़ कम करने के लिए पहली बार आवेदन फार्म पोस्ट आफिस से मिलेंगे और जमा भी यही होंगे। छात्र ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे। एससी/एसटी, विकलांग और अन्य आरक्षित श्रेणियों के लिए पहले की व्यवस्था के तहत ही दाखिले होंगे।

डीयू में बृहस्पतिवार को एकेडमिक काउंसिल की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें मंजूर किए गए दाखिला कार्यक्रम के तहत सामान्य और ओबीसी की श्रेणी की आवेदन प्रक्रिया 18 जून तक चलेगी।

शैक्षिक स्तर ऊंचा करने के लिए यूजीसी ने अब राज्य विश्वविद्यालयों से कंधा मिला लिया है


शैक्षिक स्तर ऊंचा करने के लिए यूजीसी ने अब राज्य विश्वविद्यालयों से कंधा मिला लिया है। पहली बार देश भर के विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर शैक्षिक गुणवत्ता का स्तर उठाने के लिए राय मांगी गई है। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी को भी ऐसा ही पत्र प्राप्त हुआ है। यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) समय-समय पर विश्वविद्यालयों को शैक्षिक स्तर सुधारने के तरीके बताती रहती है। विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी कार्य करते रहते हैं। इस बार दोनों मिलकर इस काम को करना चाहते हैं। विश्वविद्यालयों को भेजे गए पत्र में मुख्य रूप से दो बिंदु शामिल हैं। पहला, शैक्षिक स्तर को सुधारने की जरूरत और दूसरा, शोध व नए विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर। संयुक्त सचिव यूजीसी रेणु बत्रा ने यह पत्र 16 अप्रैल को भेजा था। 20 अप्रैल को विशेष सचिव यूपी सरकार अनिता मिश्र ने इसे आधार बनाते हुए सुझाव जल्द से जल्द भेजने की बात कही है। कुछ सुझाव, जो रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने भेजे- हर हाल में कक्षाओं को नियमित स्तर पर लगाया जाए। - 75 प्रतिशत उपस्थिति को सख्ती के साथ लागू किया जाए। - हर तीन महीने में इससे जुड़ी एक रिपोर्ट तैयार कर उसकी समीक्षा की जाए। - छात्रों के लिए स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाए।- लाइब्रेरी के स्तर को भी उठाया जाए। इसके साथ ही लाइब्रेरी को सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक खोला जाए।- छात्रों को इंटरनेट सुविधा दी जाए।- देश-विदेश की ऑनलाइन जर्नल्स उपलब्ध कराए जाएं। source-hindustan 3/5/12

Thursday, May 10, 2012

भर्ती की मांग को लेकर टीईटी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

भर्ती की मांग को लेकर टीईटी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
इलाहाबाद, जासं : रुकी भर्ती शीघ्र शुरू करने और शिक्षक पात्रता परीक्षा की मेरिट को चयन का आधार बनाए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश टीईटी उत्तीर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले टीईटी अभ्यर्थियों ने बुधवार को मेयोहाल चौराहे पर जाम लगा दिया। आधा घंटे मेयोहाल चौराहा भावी शिक्षकों के कब्जे में रहा। इस दौरान आम लोगों से अभद्रता भी हुई। इससे पहले बात बिगड़ती एडीएम सिटी ने ज्ञापन लेकर किसी तरह मामला शांत करा जाम खुलवा दिया। शिक्षक बनने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए टीईटी अभ्यर्थी बुधवार को शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गए। सरकार की हीलाहवाली के विरोध में सैकड़ों टीईटी अभ्यर्थियों ने राणा प्रताप चौराहे (मेयोहाल) पर मानव श्रृंखला बनाकर जाम लगा दिया। कुछ अभ्यर्थी सड़क पर लेट भी गए। जाम की वजह से चौराहे के चारों ओर सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी समय कई स्कूलों में छुट्टी होने के चलते स्कूली वाहन जाम में फंस गए। source-dainik jagra 10/5/12

uptet prt stay hearing on 15/5/2012 in court no.7 in allahabad hc


cause list 15/5/2012

AT 10.00 A.M.
                    COURT NO. 7

                    HON'BLE MR. JUSTICE ARUN TANDON
                                   For Further Hearing
 WRIT - A                                
 238. DF-PH 76039/2011 YADAV KAPILDEV LAL BAHADUR      ALOK KUMAR YADAV         
                                                       RAJESH YADAV
                       Vs. STATE OF U.P. & OTHERS      C.S.C.                   
                                                       K.S. KUSHWAHA
 WITH WRIA- 76355/2011 SARASWATI SRIVASTAVA            SAROJ YADAV              
                       Vs. THE STATE OF U.P. AND OTHE  C.S.C.                   
                       -RS                             C.N.TRIPATHI
                                                       R.A.AKHTAR
 WITH WRIA- 76392/2011 SHIVANI                         ABHISHEK SRIVASTAVA      
                       Vs. THE STATE OF U.P. AND OTHE  C.S.C.                   
                       -RS                             RAJEEV JOSHI
                                                       C.N.TRIPATHI
 WITH WRIA- 76595/2011 SABA ANJUM & OTHERS             INDRASEN SINGH TOMAR     
                                                       AMIT KUMAR SRIVASTAVA
                       Vs. STATE OF U.P. & ANOTHER     C.S.C.                   
                                                       K.S. KUSHWAHA
 WITH WRIA- 1442/2012  VASUDEV CHAURASIA & OTHERS      RAVINDRA PRAKASH SRIV.   
                       Vs. STATE OF U.P. & OTHERS      C.S.C.                   
                                                       AKHILESH KUMAR
                                                       R.A. AKHTAR
 WITH WRIA- 75392/2011 VIJAY KUMAR TRIPATHI & ANOTHER  AJOY KUMAR BANERJEE      
                       Vs. STATE OF U.P. & OTHERS      C.S.C.                   
                                                       K.A. USMANI
 WITH WRIA- 2614/2012  MAHESH CHANDRA                  BHUPENDRA PAL SINGH      
                       Vs. STATE OF U.P. & OTHERS      C.S.C.                   
                                                       S.S. BHADAURIYA
 WITH WRIA- 2608/2012  MOHD. SADAB                     SYED IRFAN ALI           
                                                       MOHD. NAUSHAD
                       Vs. STATE OF U.P. & OTHERS      C.S.C.                   
                                                       ILLEGIBLE
 WITH WRIA- 6826/2012  VIMLESH KUMAR                   ALOK KUMAR YADAV         
                       Vs. STATE OF U.P. & OTHERS      C.S.C.                   
                                                       R.S. PRASAD
                                                       R.A. AKTAR
 WITH WRIA- 17607/2012 PAWAN KUMAR                     BHAWESH PRATAP SINGH     
                       Vs. STATE OF U.P. & ANOTHER     C.S.C.                   
 WITH WRIA- 29/2012    SHIV PRAKASH KUSHWAHA           S.K. MISHRA              
                       Vs. STATE OF U.P. & OTHERS      C.S.C.                   
                                                       RAJESHWAR SINGH
                                                       R.A. AKTAR
                                                       K.S.KUSHWAHA

टीईटी पास शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

टीईटी पास शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

लखीमपुर, टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक महासंघ ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन कर मेरिट के आधार पर चयन की मांग की है। इस दौरान उन्होंने रोड जामकर भी विरोध जताया। इसके बाद टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन डीएम को सौंपा है। बुधवार को टीईटी उत्तीण शिक्षक महासंघ के सदस्य नगर के सदर चौराहे पर एकत्र हुए और मेरिट के आधार पर नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मानव खला बनाकर वहां जाम भी लगाया। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि टीईटी मेरिट पर नियुक्ति की जाए। विशिष्ट बीटीसी चयन प्रक्रिया का आधार एकेडमिक मेरिट होने से अब तक तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वर्ष 1990 से 2001 के अभ्यर्थियों की आयु सीमा लगभग पूर्ण हो चुकी है। उनके रोजगार का यह अंतिम अवसर है। उनका चयन सिर्फ टीईटी मेरिट पर ही संभव है। ज्ञापन पर अध्यक्ष देवेश चंद त्रिवेदी व उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता के हस्ताक्षर हैं।
source-amar ujala 10/5/12

टीईटी संघर्ष मोर्चा ने दिया धरना

टीईटी संघर्ष मोर्चा ने दिया धरना
 मुरादाबाद। टीईटी संघर्ष मोर्चा ने नियुक्ति की मांग को लेकर अंबेडकर पार्क में धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने सरकार पर शोषण का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार विज्ञापन पर रोक लगी है। इस पर सरकार टीईटी बेरोजगारों का पक्ष नहीं रख रही है। सरकार जांच के नाम पर समय लेकर गुमराह कर रही है। इसके विरोध में उन्नीस मई को लखनऊ में धरना दिया जाएगा। सदस्यों ने लखनऊ पहुंचने की मांग की गई। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शहजार हुसैन ने व संचालन राजपाल सिंह यादव ने किया। युद्धवीर सिंह, अशोक कुमार, दयाशंकर, विकास कुमार, जय प्रकाश, सुनील कुमार, एम के मिश्रा, चंद्रपाल सिंह सैनी आदि मौजूद रहे।
source-amar ujala 10/5/12

टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने बनाई मानव शृंखला

टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने बनाई मानव शृंखला
जोरदार प्रदर्शन, रास्ता जाम कर दिया ज्ञापन
 लखीमपुर खीरी। यूपी टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक महासंघ ने मांगों को लेकर सदर चौरहा पर मानव शृंखला बनाई। जोरदार प्रदर्शन करते हुए रास्ता जाम कर दिया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का टीईटी की मेरिट के आधार पर यथाशीघ्र चयन किया जाए। टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक महासंघ ने बुधवार को शहर के सदर चौराहे पर एकत्र होकर मानव शृंखला बनाई। अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए घंटों रास्ता जाम रखा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया। ज्ञापन में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने मांग की कि सभी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश शासन के पूर्व में जारी विज्ञापन, जिस पर उन्होंने आवेदन किया था, टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की मेरिट के आधार पर यथाशीघ्र नियुक्ति की जाए। यह भी कहा गया कि टीईटी की मेरिट से शिक्षा विभाग को शिक्षकों का चयन करने में आसानी होगी। इससे विभाग करीब एक माह में ही चयन प्रक्रिया पूरी कर लेगा। कहा गया कि अभ्यर्थी चार माह से नियुक्ति पर रोक से आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण से परेशान हो चुके हैं। वे कुछ भी करने को तैयार हैं। शिक्षा मंत्री और प्रमुख सचिव के बयानों से टीईटी अभ्यर्थी मानसिक रूप से इतना पीड़ित हो चुके हैं वे आत्महत्या तक करने के लिए राष्ट्रपति को इच्छामृत्यु का मांगपत्र भेज चुके हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि टीईटी मेरिट चयन का सर्वोत्तम आधार है क्योंकि आईएएस, पीसीएस, डाक्टर्स, इंजीनियर्स का चयन प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर ही होता है एकेडमिक आधार पर नहीं। अत: सभी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के हित में टीईटी मेरिट पर करीब 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुकी प्रक्रिया को यथाशीघ्र पूर्ण कराने की कार्रवाई की जाए।
source- amar ujala 10/5/12

बेसिक शिक्षा विभाग ने 'दुर्बल' वर्ग के प्रस्ताव पर जनता से मांगे सुझाव


आरटीई : ढाई लाख तक की सालाना आय वाले गरीब
बेसिक शिक्षा विभाग ने 'दुर्बल' वर्ग के प्रस्ताव पर जनता से मांगे सुझाव
 लखनऊ, जागरण ब्यूरो : नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पात्रता तय करने की कवायद शुरू कर दी है। विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रस्ताव पर 'दुर्बल' और 'अलाभित' वर्गों के बच्चों के बारे में जनता से 25 मई तक सुझाव मांगे गए हैं। अधिनियम में कहा गया है कि निजी स्कूलों में कक्षा एक की 25 फीसदी सीटों पर अलाभित और दुर्बल वर्गों के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। इन बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। इन बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार निजी स्कूलों को करेगी। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किये गए प्रस्ताव के मुताबिक 'दुर्बल' वर्ग के तहत उन बच्चों को शामिल किया गया है जिनके माता-पिता या संरक्षक गरीबी रेखा के नीचे के कार्डधारक हों या ग्राम्य विकास विभाग की सूची में शामिल हों

उत्तर प्रदेश टीईटी उत्तीर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले टीईटी अभ्यर्थियों ने बुधवार को मेयोहाल चौराहे पर जाम लगा दिया।


आधा घंटा कैद रहा मेयोहाल
 इलाहाबाद रुकी भर्ती शीघ्र शुरू करने और शिक्षक पात्रता परीक्षा की मेरिट को चयन का आधार बनाए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश टीईटी उत्तीर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के बैनर तले टीईटी अभ्यर्थियों ने बुधवार को मेयोहाल चौराहे पर जाम लगा दिया। आधा घंटे मेयोहाल चौराहा भावी शिक्षकों के कब्जे में रहा। इस दौरान आम लोगों से अभद्रता भी हुई। इससे पहले बात बिगड़ती एडीएम सिटी ने ज्ञापन लेकर किसी तरह मामला शांत करा जाम खुलवा दिया। शिक्षक बनने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए टीईटी अभ्यर्थी बुधवार को शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गए। सरकार की हीलाहवाली के विरोध में सैकड़ों टीईटी अभ्यर्थियों ने राणा प्रताप चौराहे (मेयोहाल) पर मानव श्रृंखला बनाकर जाम लगा दिया। कुछ अभ्यर्थी सड़क पर लेट भी गए। जाम की वजह से चौराहे के चारों ओर सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी समय कई स्कूलों में छुट्टी होने के चलते स्कूली वाहन जाम में फंस गए। दोपहर की चिलचिलाती तेज धूप और चालीस पार पारे की गर्मी से बच्चे परेशान हुए। इस बीच टीईटी अभ्यर्थियों और आम लोगों के बीच गाड़ी आगे ले जाने को लेकर झड़प भी हुई। यह हंगामा करीब आधा घंटा चला। मामला बढ़ता देख मौके पर पुलिस भी बुला ली गई। एडीएम सिटी भी मौके पर पहंुच गए। उन्होंने अभ्यर्थियों की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्र्वासन दिया इसके बाद अभ्यर्थी कहीं जाकर शांत हुए। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को सौंपा और सड़क से हट गए। source-dainik jagran news paper 10/5/12

Wednesday, May 9, 2012

टीईटी संघर्ष मोर्चा जनपद कुशीनगर के पदाधिकारी नेता विपक्ष एवं बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य से मिले।

जागरण संवाददाता,पडरौना / कुशीनगर । टीईटी संघर्ष मोर्चा जनपद कुशीनगर के पदाधिकारी नेता विपक्ष एवं बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य से छावनी स्थित मौलाना आज़ाद लाइब्रेरी हाल में मिले। पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा और टीईटी की मेरिट के आधार पर तत्काल नियुक्ति की मांग की। नेता विपक्ष, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पडरौना के सदर विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा की सपा सरकार युवाओं की विरोधी है एवं राजनीतिक बदले की भावना से कम कर रही है। उन्होंने वादा किया की वो युवाओं की आवाज़ सदन में उठाएंगे और सभी टीईटी अभ्यर्थियों को न्याय दिलाएंगे।

इस अवसर पर अखिलेश मिश्र, प्रेमनाथ मिश्रा, अनूप श्रीवास्तव, मु. सैफ लारी, छोटेलाल, राहुल सिंह, कृष्णानन्द चौहान, सत्येन्द्र सिंह, विनोद कुमार गुप्ता, रामेश्वर मिश्र, वकील अंसारी, मन्नान, दयानन्द शर्मा, संतोष कुमार, रत्‍‌नेश कुमार शर्मा, इस्तियाक अहमद, नीलम पाण्डेय, श्वेता मिश्र, निशा गुप्ता, ज्योति जायसवाल, मृत्युंजय कुमार, सत्येन्द्र कुमार, शम्भू नाथ चौहान, उदयभान यादव, महेश सिंह, कमलेश कुमार सिंह, दिनेश कुमार यादव, विनोद कुमार शर्मा आदि सैकड़ो टीईटी अभ्यर्थी मौजूद रहे।
source -dainik jagran 9/5/12

The government on Wednesday said that children with all kinds of disability will be provided free and compulsory education, either in school or at home, under the Right to Education Act



New Delhi: The government on Wednesday said that children with all kinds of disability will be provided free and compulsory education, either in school or at home, under the Right to Education Act.

"Children with all kinds of disability will be protected under the Act," HRD Minister Kapil Sibal said, moving amendments to the Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 in the Lok Sabha.

The amendment bill, which was earlier approved by the Rajya Sabha, seeks to widen the beneficiary net for disabled children under the Act and provide those with severe disability the option of receiving education at home.

टीईटी पास की नियुक्ति का रास्ता साफ


टीईटी पास की नियुक्ति का रास्ता साफ
नैनीताल : हाइकोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में सफल अभ्यर्थियों को प्रशिक्षु शिक्षक के रूप में नियुक्ति देने संबंधी प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट के आदेश के बाद 2253 पदों पर टीईटी पास अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता खुल गया है। कोर्ट ने टीईटी पास अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए हैं।   source-dainik jagran 9/5/12

प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती का रास्ता खुला

प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती का रास्ता खुला
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास कर चुके बीएड उपाधिधारकों के प्रशिक्षु शिक्षक बनने का रास्ता खुल गया है। नैनीताल हाईकोर्ट ने टीईटी परीक्षा और ट्रेनी शिक्षकों की भर्ती को चुनौती देने वाली सभी 371 याचिकाएं खारिज कर दी।
जस्टिस तरुण अग्रवाल की अदालत में चल रहे इस प्रकरण में विद्यालयी शिक्षा विभाग के पक्ष को वाजिब माना गया। पिछले दिसंबर में इस भर्ती प्रक्रिया को अदालत ने स्टे कर दिया था। नियमित बीटीसी कर रहे प्रशिक्षुओं ने नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि जिन पदों के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उन्हीं पदों को विद्यालयी शिक्षा विभाग टीईटी के जरिए भर रही है। वहीं कुछ याचिकाएं टीईटी में पूछे गए प्रश्नों को लेकर थीं। कुल 371 रिटें थी।
विद्यालयी शिक्षा निदेशालय की ओर अदालत को बताया गया कि महकमे में शिक्षकों के कुल 4805 पद रिक्त हैं। जिसमें से करीब 1200 पद नियमित बीटीसी प्रशिक्षुओं के लिए आरक्षित रखा गया है। शेष पदों में से 700 पदों पर शिक्षा आचार्य और 868 पत्राचार बीटीसी प्रशिक्षुओं की भर्ती होनी है। इसके अलावा जितने पद बचते हैं उन पर बीएड उपाधिधारकों को टीईटी के माध्यम से नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस नियुक्ति प्रक्रिया में नियमित बीटीसी कर रहे प्रशिक्षुओं का हित कहीं भी प्रभावित नहीं हो रहा है। महकमा नए सिरे से प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया अब जल्द शुरू कर देगा।

यह होगी भर्ती व्यवस्था
टीईटी उत्तीर्ण कर चुके बीएड उपाधिधारकों को डायट वार और वर्षवार अपने-अपने जिले में चयनित किया जाएगा। चयन के बाद उन्हें छह महीने का विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण पास करने वाले अभ्यर्थियों को उस समय की प्रचलित नियमावली के अनुसार नियुक्ति दी जाएगी। 
source -amar ujala 9/5/12



टीजीटी मामले में जवाब-तलब

टीजीटी मामले में जवाब-तलब
इलाहाबाद : उच्च न्यायालय ने टीजीटी चयन 2005 में अन्य पिछड़े वर्ग के मेरिट में आए अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में मानकर पिछड़ा वर्ग कोटे को रिक्त होने वाले पदों तथा अघोषित पदों का परिणाम घोषित करने की मांग में दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति वी.के. शुक्ला ने ओम प्रकाश व दो अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता आलोक यादव ने बहस की। याचिका के अनुसार माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कुल 342 पदों में से 197 का परिणाम घोषित किया। जिसमें सामान्य की मेरिट 448.3 अन्य पिछड़ा वर्ग की 442.6 न्यूनतम आयी। इसी मामले में दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने शेष परिणाम घोषित करने का आदेश दिया। बोर्ड ने 136 का परिणाम घोषित किया। नौ सीटों का परिणाम घोषित नहीं किया। इसमें सामान्य की मेरिट 442.8 व अन्य पिछड़ा वर्ग की 439 आयी। याचीगण का कहना है कि यदि पिछड़े वर्ग कोटे के मेरिट के अभ्यर्थियों को सामान्य अभ्यर्थी माना जाय तो ऐसे 14 अभ्यर्थियों की जगह पिछड़ा वर्ग कोटे में बन जायेगी। याचीगण की मेरिट 438.6 है। नये सिरे से परिणाम घोषित किये जाने की दशा में याची भी चयनित हो सकते है। न्यायालय ने याचिका आठ सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
source-dainik jagran 

स्ववित्तपोषित शिक्षकों ने मांगा विनियमितीकरण

स्ववित्तपोषित शिक्षकों ने मांगा विनियमितीकरण
लखनऊ : राज्य विश्वविद्यालय/ अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ ने प्रदेश सरकार से विनियमितीकरण की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बलजीत श्रीवास्तव का कहना है कि एक ही विवि या महाविद्यालय में स्ववित्तपोषित शिक्षक दोयम दर्जे से बदतर की स्थिति में नौकरी कर रहे हैं। प्रदेश में ऐसे शिक्षकों की संख्या हजारों में हैं, जो सपा सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं। संघ की ओर से अमीनाबाद स्थित गंगा प्रसाद लाइब्रेरी में सपा मंत्रियों के अभिनन्दन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. ओमकार नाथ पांडेय ने बताया कि यूजीसी 80 फीसद वेतन देने को तैयार है, लिहाजा प्रदेश सरकार पर ज्यादा भार भी नहीं पड़ेगा। प्रदेश में लगभग 1.5 अरब रुपये अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों से फीस के रूप में आते हैं। शिक्षकों को विनियमित कर दिया जाता है तो 70-75 करोड़ रुपये का ही खर्च आएगा। समारोह में मुख्य अतिथि मंत्री स्वतंत्र प्रभार अरविंद सिंह गोप और विशिष्ट अतिथि मंत्री प्रोटोकॉल प्रो. अभिषेक मिश्र का अभिनन्दन किया गया। गोप और प्रो. मिश्र की ने शिक्षकों को आश्वासन दिया है कि विनियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी। सपा, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. समीर तिवारी ने इस संदर्भ में शिक्षकों के एक प्रतिनिधि मंडल की वार्ता मुख्यमंत्री से कराने की बात कही है। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. कीर्ति प्रकाश तिवारी, डॉ. संजय मिश्र व अन्य उपस्थित रहे। विश्र्वपटल पर भारतीय अस्मिता को दिया विस्तार : विश्र्व पटल पर भारतीय साहित्य को जीवंत करने वाले गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की याद में राज्य ललित कला अकादमी के राय कृष्ण दास सभागार में कार्यक्रम हुआ। संस्था संस्कार भारती द्वारा आयोजित गोष्ठी का विषय टैगोर के जीवन के विविध आयाम था। हिंदी संस्थान के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शंभुनाथ ने गुरुदेव को विश्र्व कवि कहकर संबोधित किया। वह बोले-रवींद्रनाथ टैगोर ने भारतीय अस्मिता को विश्र्वपटल पर विस्तारित किया। साहित्य एवं कला सेवाओं से उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नई जान फूंकी। source-dainik jagran 9/5/12

शिक्षा अभियान में भी दिखेगा सपाई रंग

शिक्षा अभियान में भी दिखेगा सपाई रंग
 लखनऊ समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक एजेंडे का असर अब शिक्षा विभाग में भी देखने को मिलेगा। राज्य सरकार राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत खोले जा रहे नये विद्यालयों में अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों को विशेष तरजीह देने जा रही है। प्रदेश में ऐसे ब्लाकों का चयन कर लिया गया है जहां मुस्लिम आबादी अधिक है और इसी जुलाई माह से नये विद्यालय शुरू कर दिए जाएंगे। चूंकि चयन का मापदंड मुस्लिम आबादी है, इसलिए इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले सर्वाधिक लाभान्वित होंगे। उल्लेखनीय है कि सूबे में अल्पसंख्यक बाहुल्य 21 जिलों पर प्रदेश सरकार वैसे ही काफी मेहरबान है और इनके लिए कई विशेष योजनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। लेकिन माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत नये स्कूलों की योजना में मुस्लिम बाहुल्य ब्लाकों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसी के तहत विभाग ने जिलों में पत्र भेजकर ऐसे ब्लाक चयनित करने को कहा था जहां मुस्लिम आबादी अधिक हो। इसके साथ ही वहां नये स्कूलों के प्रस्ताव भी मांगे गए थे। सूत्रों के अनुसार नये विद्यालयों के लिए प्रदेश के 31 जिलों के 73 ब्लाक चयनित किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक आठ विद्यालय मुजफ्फरनगर में खोले जाएंगे, जबकि बिजनौर और सहारनपुर में छह-छह स्थान चयनित हैं। रामपुर, गाजियाबाद, सिद्धार्थनगर में पांच-पांच और बरेली व मुरादाबाद में चार ब्लाक चयनित किए गए हैं। हर विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक, 7 अध्यापक, एक क्लर्क और दो चपरासियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए बजट का प्रावधान कर लिया गया है। बता दें कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार की मंशा हर पांच किलोमीटर के क्षेत्र को माध्यमिक विद्यालयों से जोड़ने की है ताकि सर्व शिक्षा अभियान के तहत पढ़ाई कर रहे छात्रों को इधर-उधर न भटकना पड़े। इसके तहत 2010-11 में 318 विद्यालय खोले गए थे। वर्ष 2011-12 में माध्यमिक शिक्षा के तहत नये विद्यालयों के लिए 58 लाख 72 हजार रुपये का प्रावधान किया है।
source-dainik jagran news paper 9/5/12

वाराणसी समेत 12 जिलों में होगी पीएचडी पात्रता परीक्षा

वाराणसी समेत 12 जिलों में होगी पीएचडी पात्रता परीक्षा
फैजाबाद : प्रदेश में पहली बार होने जा रही पीएचडी की संयुक्त पात्रता परीक्षा वाराणसी समेत प्रदेश के 12 जिलों में आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा एक जून को होगी। पूर्व में यह परीक्षा 29 अप्रैल को आयोजित की जानी थी लेकिन बीएड प्रवेश परीक्षा का जिम्मा भी डॉ.राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पास होने के चलते ऐसा नहीं हो सका। परीक्षा नोएडा, मेरठ, बरेली, आगरा, झांसी, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, जौनपुर, बनारस, इलाहाबाद, गोरखपुर में कराई जाएगी। माना जा रहा है कि हर जिले में करीब बीस केंद्रों बनाए जाएंगे। परीक्षा में 93 हजार आठ सौ परीक्षार्थी शामिल होंगे। विवि के मीडिया प्रभारी डॉ.एसएन शुक्ला ने बताया कि केंद्रों का निर्धारण आगामी एक-दो दिनों में हो जाएगा। source-dainik jagran news paper 9/5/12

Tuesday, May 8, 2012

Gujarat Government has submitted a report on Right To Education(RTE) in hc




Ahmedabad: Gujarat Government has submitted a report on Right To Education(RTE) act implementation. Dtate government has claimed in the report that it spends Rs. 9000 cr on primary education for about 56 lakh students studying in 40,000 schools.

Bench of justice V.M.Sahay and Justice A.J.Desai heard the arguments of advovate Prakash Jani about the state government report. In the report state government also claimed that literacy rate is much better in Gujarat in comparison to country's literacy rate. Report listed measures for promoting primary education.

HC while hearing arguments of public prosecutor raised various questions, answer of which will be submitted on Tuesday. Earlier Gujarat High Court has ordered three secretaries of state government to file report about implementation of Right To Education(RTE) act.

Bench of Justice V.M.Sahay and Justice Ashish Desai told chief secretary, additional secretary and finance secretary to submit the report about what steps are being taken to implement RTE.


City grantable private primary school association of Vadodara filed a writ about free and compulsory education to 6 to 14 years old children. Association has challenged the order of Gujarat Government of 1999 to take fee of Rs.45 per month in grant-aid schools.
source-news4education.com

टीईटी घोटाले के आरोपी ने नहीं किया आत्मसमर्पण

टीईटी घोटाले के आरोपी ने नहीं किया आत्मसमर्पण
लखनऊ: टीईटी घोटाले के मामले में आरोपी संतोष कुमार जायसवाल ने सोमवार को भी अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रहलाद टंडन ने आरोपी की अर्जी पर 9 मई की तिथि नियत की है। आरोपी संतोष कुमार जायसवाल की आत्मसमर्पण अर्जी पर गत 5 मई को अदालत ने थाना महानगर से रिपोर्ट तलब की थी।
source-dainik jagran news paper 8/5/12

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगारों को कदम-कदम पर ठगा गया।


सरकार! रुपये तो लौटा दो
 इलाहाबाद नाम-राकेश सिंह। वर्ग-जनरल पेशा-बेरोजगार। सुनीता राय। वर्ग-जनरल। पेशा-बेराजगार। अभिषेक यादव। वर्ग-ओबीसी। पेशा-बेरोजगार। धर्मेद्र कुमार सिंह। वर्ग-एससी। पेशा-बेराजगार। प्रदेश में ऐसे एक दो हजार नहीं, दो लाख 70 हजार से भी अधिक बेरोजगार हैं, जिनके आवेदन शुल्क के पैसे सरकार के पास फंसे हैं। कब वापस मिलेंगे कुछ पता नहीं। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगारों को कदम-कदम पर ठगा गया। सूबे की तत्कालीन सरकार भी पीछे नहीं रही। अभ्यर्थियों को पांच जिलों से आवेदन की छूट देकर खजाने में करोड़ों रुपये तो भर लिए, पर जब रकम वापस करने की बारी आई, तो वह चुप्पी साधकर बैठ गई। नई सरकार में भी बेरोजगारों को रुपये मिलने की पहल होती नहीं दिख रही। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में 30 नवंबर, 2011 को सहायक अध्यापकों के 72,825 पदों पर आवेदन मांगे थे। पहले हर आवेदक को पांच जिलों में आवेदन की छूट दी गई थी। सामान्य व पिछड़ी जाति के लिए एक जिले में आवेदन का शुल्क 500 रुपये। अनुसूचित जाति/ जनजाति अभ्यर्थी का शुल्क 200 रुपये व विकलांग अभ्यर्थी निशुल्क रखा गया था। प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा में 2 लाख 70 हजार से अधिक आवेदन हुए थे। 12 दिसंबर,2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पांच जनपदों में आवेदन करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया। अभ्यर्थियों को मनचाहे जिलों से आवेदन की छूट दी गई। कहा गया कि जिन अभ्यर्थियों ने एक से अधिक जिलों में आवेदन करते समय एक से अधिक बैंक ड्रॉफ्ट जमा किए हैं, उनके एक बैंक ड्रॉफ्ट को रोकते हुए शेष राशि वापस की जाएगी। इसके लिए सरकार अलग से आदेश जारी करेगी। टीईटी निरस्त होगी या रहेगी, यह अलग मुद्दा है, पर इस आदेश को सात महीने बीत गए और बेरोजगारों का पैसा वापस नहीं किया गया। source-dainik jagran news paper 8/5/12

Monday, May 7, 2012

रेलवे भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया फर्जी अभ्यर्थी

रेलवे भर्ती परीक्षा में पकड़ा गया फर्जी अभ्यर्थी
लखनऊ : रेलवे भर्ती बोर्ड गोरखपुर की वर्ष 2010 की ग्रुप डी की परीक्षा में एक फर्जी अभ्यर्थी भी पकड़ा गया। बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज से एक परीक्षार्थी कॉपी लेकर ही भाग गया। बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज में रविवार सुबह की पाली में परीक्षा के दौरान ग्राम सुमेरपुर, प्रतापगढ़ निवासी सत्येंद्र कुमार केंद्र से उत्तर पुस्तिका लेकर ही भाग निकला। दूसरी पाली में हुई परीक्षा के दौरान इसी कॉलेज में ग्राम उदयपुर, वाराणसी के बैजू कुमार कुंजर इसी गांव के संदेश कुमार के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। source-dainik jagran news paper 7/5/12

73 केंद्रों पर पचास हजार परीक्षार्थी

73 केंद्रों पर पचास हजार परीक्षार्थी
लखनऊ: रेलवे की ग्रुप डी परीक्षा के लिए रविवार को पचास हजार अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचे। दो पालियों में 38 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा दी। एक जगह केंद्र बदले जाने पर अभ्यर्थियों ने नाराजगी भी जताई। उधर परीक्षा बाद अभ्यर्थियों ने गोरखपुर इंटरसिटी सहित कई ट्रेनों की आरक्षित बोगियों पर कब्जा भी जमाया। रेलवे भर्ती सेल गोरखपुर की वर्ष 2010 की ग्रुप डी की लिखित परीक्षा के लिए 1.24 लाख अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र भेजा गया था। ग्रुप डी के खलासी, ट्रैकमैन, हम्माल, ट्रॉलीमैन और सफाईवाला के पदों की लिखित परीक्षा के लिए लखनऊ में 73 केंद्र बनाए गए। प्रथम पाली में सुबह 9:30 से पूर्वाह्न 11:30 बजे तक करीब 28 हजार और दूसरी पाली में दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे तक लगभग बीस 22 हजार आवेदकों ने परीक्षाएं दी

शिक्षा मंत्री के बयान से टीईटी छात्र नाखुश


शिक्षा मंत्री के बयान से टीईटी छात्र नाखुश
ललितपुर। टीईटी संघर्ष मोर्चा की बैठक में शिक्षा मंत्री के बयान को आडे़ हाथ लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री के राजनैतिक बयानों से टीईटी छात्रों का भला होने वाला नहीं है। शिक्षा मंत्री टीईटी की रुकी प्रक्रिया को चालू करने के संबंधी बयान देने की जगह शिक्षा मित्रों को खुश करने में जुट गए हैं। यही वजह है कि टीईटी छात्रों में गहरा असंतोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में हजारों पद रिक्त चल रहे हैं। जुलाई माह से अगला शिक्षा सत्र चालू होने को है, इसके बाद भी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी है। विडंबना यह है कि सरकार टीईटी भर्ती प्रक्रिया पर अभी तक निर्णय नहीं ले सकी है। वहीं, शिक्षा मंत्री शिक्षा मित्रों को खुश करने में जुट गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल टीईटी भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की है। बैठक में रवींद्र साहू, अंतिम जैन, राजेंद्र राठौर, अनुपम गुप्ता, महेश बवैले, अमित जैन, राहुल, रवींद्र साहू, दीप्ति, रिचा, लखन, कीर्ति, मनीष, मनोज दुबे, अनुराग, आलोक, रश्मि, प्रियंका, सरद, अनिल, महेंद्र, बाबी राजा, ग्यासी कुशवाहा, रानू सिंह, राजीव श्रीवास्तव, नीलेश पुरोहित, रामकिशन साहू, दीपक जैन आदि उपस्थित रहे।
news-amar ujala 7/5/12

टीईटी मेरिट पर हो शिक्षकों की भर्ती

टीईटी मेरिट पर हो शिक्षकों की भर्ती
महराजगंज। सदर बीआरसी परिसर में रविवार को टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा की बैैठक हुई। इसमें शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बदलाव को लेकर सरकारी मंशा पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष महेन्द्र वर्मा ने कहा कि सरकार शैक्षिक मेरिट के आधार पर भर्ती की बात कहकर चयन प्रक्रिया 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव तक टालना चाहती है।
इसी उद्देश्य को लेकर सरकार टीईटी को पात्रता परीक्षा घोषित करने की फिराक में है। लेकिन हम टीईटी मेरिट के आधार पर ही भर्ती करने के लिए सरकार को विवश कर देंगे। इसके लिए किसी भी स्तर के आंदोलन को तैयार हैं। किसी भी नियुक्ति को लेकर सरकार को नियम बनाने का अधिकार है, लेकिन प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता।
इस मौके पर प्रवीण पटेल, राजकुमार विश्वकर्मा, हरी प्रकाश गुप्ता, मनीष पटेल, उमेश चन्द यादव, कमलेश कुमार, जनार्दन सिंह, रवि प्रताप गुप्ता, व्यासमुनि जायसवाल, अनिल कुमार कन्नौजिया, आनंद गुप्ता, राकेश कुमार अग्रहरी, हरिकेश विश्वकर्मा, बृजेश यादव, मदन यादव, गिरिजेश मिश्र, रामबिलास सिंह, शत्रुघभन प्रसाद साहनी और सदानंद पासवान मौजूद रहे। संचालन राजकुमार पटेल ने किया।news-amar ujala 7/5/12

एकेडिमक मैरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया का विरोध होगा



एकेडिमक मैरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया का विरोध होगा

लखीमपुर खीरी। यूपी टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक महासंघ की बैठक उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शिक्षा मंत्री के उस बयान की कड़ी निंदा की गई जिसमें कहा गया था कि हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और बीएड के प्राप्तांको को जोड़ कर मैरिट बनाई जाएगी और उसे चयन का आधार बनाया जाएगा। कहा अगर ऐसा किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बैठक में विधिक सलाहकार बूटा सिंह ने कहा कि ऐसी क्या मजबूरी है कि कि कुछ माह पहले पूर्ण बहुमत प्राप्त सरकार के फैंसले को नई सरकार को बदलने की जरूरत पड़ गई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने ऐसा किया तो हम भी अपनी सीमा लांघने से गुरेज नहीं करेंगे।
बैठक में उच्च न्यायालय में विज्ञापन पर चल रही सुनवाई से सभी टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को अवगत कराया गया। इस पर आगे पैरवी कर प्रभावी नीति पर विचार किया गया। सभी टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने चयन का आधार एकेडिमक बनाने का जोरदार ढंग से विरोध किया।
बैठक में बूटा सिंह, लक्ष्मी कांत, रवि शुक्ला, रंजीत दीक्षित वीरेश जोशी, शत्रुघ्न मिश्रा, पंकज मिश्रा, कौशल किशोर, विष्णु कांत तिवारी, आफताब अहमद, विजय कुमार बाजपेयी, विवेक कुमार, राजीव शर्मा मोहम्मद याकूब, सुनील कुमार गुप्ता, शिव कुमार, संजय चौरसिया व विनोद कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
news-amar ujala 7/5/12

Sunday, May 6, 2012

संजय मोहन की कलई खोलने पुलिस पहुंची एलपीएस

संजय मोहन की कलई खोलने पुलिस पहुंची एलपीएस
शिक्षकों ने बताया सच, फरार कारिंदों की तलाश में छापामारी
लखनऊ। गाजीपुर पुलिस ने शनिवार को वृंदावन कॉलोनी में लखनऊ पब्लिक स्कूल (एलपीएस) की दो शाखाओं में तहकीकात की। पड़ताल में पता चला कि स्कूल की कमान संजय मोहन संभाले थे। इसके साथ पुलिस ने संजय मोहन के फरार दो कारिंदों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी।
डीआईजी आशुतोष पांडेय ने बताया कि एसओ गाजीपुर मनोज मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार सुबह वृंदावन कॉलोनी के सेक्टर-4ए व सेक्टर-2ए स्थित एलपीएस की शाखा में तहकीकात की। सेक्टर-2ए की प्रिंसीपल व शिक्षकों ने पुलिस को जानकारी दी कि संचालक सीपी सिंह की मौत के बाद से संजय मोहन ही स्कूल की कमान संभाले थे। इसके अलावा वह सेक्टर-4ए में स्कूल की शाखा का निर्माण करा रहे थे। स्कूल का मैनेजमेंट संजय मोहन के खास कारिंदे फारूख के हाथ में था। तहकीकात में खुलासा हुआ कि स्कूल की दोनों शाखाओं में सीपी सिंह के बेटे लोकेश से अधिक दखल संजय मोहन का था। पुलिस टीम ने लोकेश से भी पूछताछ का प्रयास किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
इस बीच, विवेचक ने संजय मोहन के कारिंदे फारूख व अशफाक की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी। पुलिस का कहना है कि इन दोनों के हत्थे चढ़ने पर संजय मोहन से जुड़े अन्य राज उजागर होंगे। गाजीपुर थाने की पुलिस ने बृहस्पतिवार रात फोन पर मिली सूचना के आधार पर संजय मोहन के खास कारिंदे देव कुमार पांडेय को 17 लाख रुपये से भरी अटैची के साथ गिरफ्तार किया था। यह रकम टीईटी घोटाले की बताई गई थी, जो संजय मोहन की गिरफ्तारी के तीसरे दिन फारूख और अशफाक ने देव कुमार के हवाले की थी और देव कुमार ने उसे एक परिचित के घर में छिपा दिया था।

संजय मोहन का करीबी 17 तक न्यायिक हिरासत में

संजय मोहन का करीबी 17 तक न्यायिक हिरासत में

लखनऊ । पूर्व माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन के करीबी देव कुमार पांडेय को पुलिस ने शनिवार को 17 लाख रुपये के साथ अदालत में पेश किया। कोर्ट ने देवेंद्र को 17 मई तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। कोर्ट ने रुपयों से भरी अटैची बिना सील किए पेश किए जाने पर नाराजगी भी जाहिर की। टीईटी घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन के करीबी देव कुमार को पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया था। news-amar ujala 6/5/12

सर्वशिक्षा के नाम पर ठगी

सर्वशिक्षा के नाम पर ठगी
लखनऊ: सर्वशिक्षा अभियान के नाम का इस्तेमाल कर कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह का अलीगंज पुलिस ने राजफाश किया। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य वकील शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भाई व अन्य साथी फरार हैं। यह लोग एक सांसद के छात्रावास में रहकर गोरखधंधा कर रहे थे। यहीं नहीं जालसाजी से पोस्ट बैग नंबर भी हासिल कर लिया था। डीआइजी आशुतोष पांडेय ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। डीआइजी ने पुलिस दल को पांच हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया है। निशातगंज के शिक्षा भवन स्थित सर्वशिक्षा अभियान परियोजना कार्यालय में आवेदक मनीष का आवेदन फार्म आया को अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जानकारी की गई तो पता चला कि कंप्यूटर सर्वशिक्षा अभियान के नाम पर किसी संस्था ने नौकरी के लिए आवेदन मांगे हैं। जालसाजों ने कंप्यूटर सर्वशिक्षा अभियान के तहत कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी के लिए जाली वेबसाइट तैयार की। 52 हजार कंप्यूटर ऑपरेटर का पद का विज्ञापन दिया। मामला जालसाजी का प्रतीत होने पर सर्वशिक्षा अभियान परियोजना कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार ने शुक्रवार को महानगर में अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जालसाजों द्वारा बनाई गई कंप्यूटर सर्वशिक्षा अभियान की वेबसाइट देखी तो पता चला कि जिस पोस्ट बैग संख्या-1 पर फार्म मंगाए जा रहे हैं, वह अलीगंज डाकघर से जारी किया गया है। इसी के बाद अलीगंज पुलिस ने छानबीन तेज कर दी। पड़ताल में सामने आया कि पोस्ट बैग संख्या-1 आजमगढ़ के सीताराम गौरी शंकर घाट निवासी संतोष जायसवाल के नाम से है। पोस्ट बैग संख्या अलीगंज सेक्टर डी-मकान नंबर एमएस 133, कंप्यूटर सर्वशिक्षा अभियान चेंबर नंबर-8 के पते पर लिया गया था। पुलिस ने उक्त कार्यालय में छानबीन की और पुरनिया सेक्टर-डी स्थित अवध बोर्डिग हॉस्टल से वकील शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। शिवेंद्र हाईकोर्ट का वकील है व बलरामपुर जिले के महराजगंज स्थित तुलसीपुर थाने के सुदर्शनजोत का रहने वाला है। अवध बोर्डिग हॉस्टल एक सांसद का है। शिवेंद्र ने बताया कि वह भाई सिद्धार्थ सिंह व उसके साथी संतोष के साथ यह काम कर रहा था।
news-dainik jagran 6/5/12