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Thursday, June 28, 2012

BETET-प्रारंभिक शिक्षक के लिए आवेदन एक अगस्त से


प्रारंभिक शिक्षक के लिए आवेदन एक अगस्त से

जागरण ब्यूरो, पटना

राज्य सरकार ने शिक्षक नियोजन नियमावली में संशोधन के साथ ही नियोजन के संबंध में समयबद्ध कार्यक्रम तय कर दिया है। शिक्षा विभाग के अनुसार प्रारंभिक विद्यालयों में नियोजन के लिए एक अगस्त से आवेदन लिया जाएगा। आवेदन प्राप्ति की अंतिम तिथि 30 अगस्त निर्धारित की गयी है। चयनित शिक्षकों को 21 से 23 नवंबर तक नियोजन पत्र जारी कर दिया जाएगा।

इधर शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वालों को 15 जुलाई के बाद प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों द्वारा प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएंगे।। शैक्षणिक योग्यता के अंक पत्र और शिक्षक पात्रता परीक्षा में हासिल अंक मिलाकर मेधा सूची का निर्माण होगा। 23 जुलाई को सभी नियोजन इकाइयों द्वारा नियोजन की सूचना का प्रकाशन किया जाएगा। चयन संबंधी पहली सूची 22 सितंबर और अंतिम सूची 16 अक्टूबर को जारी होगी। इस बीच 9 से 15 जुलाई के बीच नियोजनकर्मियों को ट्रेनिंग मिलेगी। 21 जुलाई तक रोस्टर का काम पूरा कर लिया जाएगा। कक्षा एक से कक्षा पांच तथा कक्षा छह से कक्षा आठ के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा। news source-dainik jagran 28/6/12

BPSC-वर्षो की बीपीएससी परीक्षाएं एकसाथ क्यों?(patna HC)


वर्षो की बीपीएससी परीक्षाएं एकसाथ क्यों?
पटना हाईकोर्ट ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) से पूछा है-'कई वर्षो की परीक्षाएं एकसाथ क्यों ली जाती हैं?' आयोग को एक महीने में इस सवाल का जवाब देना है। उसे कोर्ट में हलफनामा दायर करना है।

मुख्य न्यायाधीश रेखा एम.दोषित एवं न्यायाधीश ए.अमानुल्लाह की खंडपीठ ने बुधवार को संजय कुमार वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए आयोग को हलफनामा दायर करने को कहा। याचिकाकर्ता के वकील दयाशंकर प्रसाद ने एकसाथ कई परीक्षाओं के आयोजन पर आपत्ति की। उन्होंने कहा कि ऐसा किया जाना सरासर गलत है। प्रतियोगियों के साथ अन्याय है। कुछ वर्षों की लंबित परीक्षाएं एकसाथ लेने से प्रतियोगियों को परीक्षा में शामिल होने का अधिकतम अवसर नहीं मिलता है। यह नियमानुकूल भी नहीं है।

कोर्ट को बताया गया कि 2008 में 48 वीं से लेकर 52 वी तक की परीक्षा एकसाथ ली गई। इसी प्रकार 2011 में 53 वीं, 54 वीं एवं 55 वीं परीक्षाएं एकसाथ होने का विज्ञापन निकला। विगत कुछ साल से ऐसा हो रहा है।source-dainik jagran 28/6/12

uptet-cutoffmarks for sc/st-No further relaxation can be provided by this Court(hc)


HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD

?Court No. - 7

Case :- WRIT - A No. - 25147 of 2012

Petitioner :- Rajendra Singh And Anr.
Respondent :- State Of U.P. And Anr.
Petitioner Counsel :- Aashish Shrivastav
Respondent Counsel :- C.S.C.

Hon'ble Arun Tandon,J.
According to the petitioners the cut of merit fixed at 55% for the S.C. and S.T. candidates in respect of the T.E.T. examination is further liable to be reduced to 50%, in as much as O.B.C. category, which were not provided any such relaxation earlier, have also been provided relaxation of 5%.
I am of the considered opinion that it is for the Appointing Authority/Selecting Authority to determine the cut of merit. In the facts of the case, such cut of merit has been prescribed 5% lower viz. a viz. the general category candidates. No further relaxation can be provided by this Court.
Writ petition is misconceived and the same is dismissed.
Order Date :- 22.5.2012
Shekhar

Source : http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do?judgmentID=1897066

Wednesday, June 27, 2012

SSC-कर्मचारी चयन आयोग को हलफनामा दायर करने का निर्देश

कर्मचारी चयन आयोग को हलफनामा दायर करने का निर्देश
पटना हाईकोर्ट ने स्नातक स्तरीय प्रारंभिक जांच परीक्षा में कई गड़बड़ियों को लेकर कर्मचारी चयन आयोग को तीन सप्ताह में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। पीटी की परीक्षा में असफल हुए 40 याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बड़े पैमाने पर प्रश्न एवं उत्तर में गलतियां थीं। इसके बावजूद प्रतियोगियों को अंक दिए गए।
याचिकाकर्ता के वकील दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि 10 माडल उत्तर गलत पाए गए। परीक्षा में गणित के सवाल पूछे गए, जिसे नहीं पूछा जाना चाहिए था। मंगलवार को न्यायाधीश पीसी वर्मा की पीठ ने सुनवाई करते हुए हलफनामा दायर करने को कहा। बताते चलें कि स्नातक स्तरीय पीटी की परीक्षा पिछले साल 28 नवंबर को हुई थी और रिजल्ट इस साल 15 अप्रैल को आया। source-dainik jagran 27/6/12

bihar-3493 सहायक प्रोफेसरों के पदों पर नियुक्ति की मंजूरी

3493 सहायक प्रोफेसरों के पदों पर नियुक्ति की मंजूरी
पटना,  बिहार राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उसके अधिनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में रिक्त 3493 सहायक प्रोफेसरों के पदों पर नियुक्ति किये जाने को सोमवार को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी।


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को संपन्न राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय विभाग के प्रधानसचिव रविकांत ने बताया कि मंत्रिमंडल ने प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उसके अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में अध्ययरत छात्रों की संख्या और कोर्स आदि के आधार पर उन्हें युक्तिसंगत बनाए जाने को अपनी अपनी मंजूरी प्रदान कर दी।

उन्होंने कहा कि इस आधार पर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उसके अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में कुल स्वीकृत पदों की संख्या अब 10008 होगी और उसमें से रिक्त 3493 सहायक प्रोफेसरों के पदों पर नियुक्ति का मार्ग अब प्रशस्त हो गया है।

BETET- 23 जिलों से नहीं आई शिक्षकों की रिक्तिया

BETET- 23 जिलों से नहीं आई शिक्षकों की रिक्तिया
पटना : शिक्षा विभाग ने मंगलवार को बैठक में भाग नहीं लेने वाले 11 जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से स्पष्टीकरण पूछा है। विभाग का अधिकारियों से सवाल है-क्यों नहीं आपके विरुद्ध कार्रवाई की जाए? बैठक में महज 15 जिलों से शिक्षकों की रिक्तियों की सूची मिली। शेष 23 जिलों से रिपोर्ट नहीं आई।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक केके सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्यालयों संबंधी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस मौके पर निदेशक ने गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, दरभंगा, मधुबनी, मधेपुरा, भागलपुर, बांका, पश्चिम चंपारण, मुंगेर, खगड़िया, सहरसा, लखीसराय और शेखपुरा जिले से उपलब्ध रिक्तियों संबंधी रिपोर्ट पर संतोष व्यक्त किया। उनके अनुसार सभी जिलों से रिपोर्ट आने पर शिक्षकों के खाली पदों की वास्तविक संख्या की जानकारी हो सकेगी। वैसे शेष जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है।

उन्होंने बैठक में शामिल अधिकारियों को हिदायत दी कि रिक्तियों की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराएं। यदि तय समयसीमा के अंदर रिपोर्ट नहीं मिली तो इसके लिए जिम्मेवार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। बैठक में जिलों से उपलब्ध कराए गए एससी-डीसी बिल की समीक्षा की गई।
source-dainik jagran 27/6/12

IIT-आईआईटी और सरकार के बीच प्रवेश परीक्षा विवाद हल हुआ

आईआईटी और सरकार के बीच प्रवेश परीक्षा विवाद हल हुआ
प्रवेश परीक्षा को लेकर आईआईटी और सरकार के बीच के विवाद का बुधवार को हल निकल आया। दोनों पक्षों के बीच अगले साल से साझा परीक्षाएं कराने पर सहमति बन गई।

नये प्रारूप के मुताबिक एक एडवांस परीक्षा आयोजित की जाएगी और ये प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान उन छात्रों पर दाखिले के लिए गौर करेंगे जो विभिन्न बोर्डों के शीर्ष 20 फीसदी में आते हैं।

बैठक के बाद आईआईटी काउंसिल के सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हमने एक ऐसा फार्मूला तैयार किया है जिसमें स्क्रीनिंग का मापदंड तय कर हर बोर्ड के शीर्ष 20 फीसदी छात्रों को आईआईटी में दाखिले के योग्य माना जायेगा।

उन्होंने कहा कि इसे वर्ष 2013 से लागू किया जाएगा। शीर्ष निर्णायक निकाय आईआईटी काउंसिल की बैठक में इस बात पर सहमति बनी। इस निकाय में इन सभी 16 संस्थानों के निदेशक और सरकार के प्रतिनिधि हैं।

BETET-रिक्ति अधिक और टीईटी पास महिला शिक्षक कम

 BETET-रिक्ति अधिक और टीईटी पास महिला शिक्षक कम

पटना। शिक्षा विभाग ने टीईटी पास अभ्यर्थियों को प्रारंभिक कक्षाओं में नियोजित करने के लिए आवेदन जमा करने का शिडय़ूल जारी कर दिया है। आवेदन टीईटी उत्तीर्ण सभी अभ्यर्थी कर सकते हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 1 लाख 47 हजार 984 लोगों को सफल घोषित किया था। हालांकि इनमें 21 हजार 357 उम्मीदवार ऐसे हैं जो कक्षा एक से पांच (पेपर-1) और कक्षा 6 से 8 (पेपर-2) दोनों में उत्तीर्ण हैं।
इस तरह टीईटी पास करने वालों की वास्तविक संख्या 1 लाख 26 हजार 627 ही बचती है। बिहार शिक्षक नियोजन नियमावली अधिनियम में आधे पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। अगर नियोजन में इस पर अमल हुआ तो शिक्षा विभाग चाहकर भी आधे पदों को भी नहीं भर पाएगा। विभाग के प्रवक्ता आर एस सिंह भी इसे स्वीकारते हैं।
हालांकि उनका कहना है कि फार्म जमा हो जाने के बाद ही यह अंदाजा लग सकेगा कि किस नियोजन इकाई के पास कितने महिला और कितने पुरुष अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। राज्य सरकार के शिक्षा विभाग की मंशा कक्षा एक से 8 में फिलहाल सवा लाख शिक्षकों को नियुक्त करने की है।
हालांकि इतने महिला-पुरुष प्रारंभिक शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर गए हैं। आरटीई कानून के तहत टीईटी पास अभ्यर्थी ही अब शिक्षक बन पाएंगे। इस कानून के मुताबिक छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 करने के लिए राज्य में 3 लाख और शिक्षकों की जरूरत है।
शिक्षा विभाग फिलहाल सवा लाख शिक्षकों की नियुक्ति कर इसे 35:1 करने की जुगत में है। पर टीईटी पास अभ्यर्थियों का विश्लेषण करनें तो एक लाख 47 हजार में महज 37 हजार 335 महिलाएं जबकि 1 लाख 10 हजार 649 पुरुष शिक्षक बनने के पात्र हुए हैं।
प्राथमिक कक्षा में केवल 13261 महिलाएं उत्तीर्ण हैं। जबकि इस श्रेणी में उत्तीर्ण पुरुषों की संख्या 476 हजार 469 है। मध्य विद्यालयों के लिए टीईटी उत्तीर्ण महिलाओं की संख्या 24 हजार 74 है जबकि पुरुषों की संख्या 63 हजार 180 है।
इस तरह नए नियोजन के बाद भी प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षकों का टोटा बना ही रहेगा क्योंकि महिला अभ्यर्थियों की उत्तीर्णता इतनी कम है कि इनका 50 प्रतिशत पूरा करना संभव नहीं है।
news source-hindutan news paper 26/6/12

IIT-बोर्ड टॉपरों के लिए आसान होगी आइआइटी की राह


ठ्ठ राजकेश्वर सिंह, नई दिल्ली केंद्रीय इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए एकल संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) के कड़े विरोध के बीच नया रास्ता निकल सकता है। तब आइआइटी की बात भी रह जाएगी और स्कूल बोर्ड के अंकों को भरपूर तवज्जो (वेटेज) भी मिल जाएगी। आइआइटी काउंसिल ने नये फार्मूले को मंजूरी दी तो संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस में ऑल इंडिया रैंक में ऊंचा मुकाम हासिल करने वाले छात्रों को स्कूल बोर्ड के टॉप 20 से 30 प्रतिशत छात्रों में शामिल होना जरूरी हो जाएगा

BETET-appointment process will start from the first week of August

BETET-(PATNA) The candidates who passed the Teachers Eligibility Test (TET) will soon get jobs in the primary schools. Education department officials said the appointment process will start from the first week of August.

About 1.25 lakh aspirants have passed the TET of which result was published on May 14, said education department joint secretary and spokesman R S Singh. Of them 37,335 aspirants were female. Singh said the appointment schedule has been prepared and being sent to all the district education officials. All of them will get appointment letters by the end of this year, he added. The candidates who passed TET are required to submit their applications from August 8 to September 8

The department is also preparing to release schedule for appointment of secondary schools and it is expected that about 20,000 teachers will be appointed.

Drawing the attention of the centre, the state education department has pleaded for opening of at least 4,000 high schools in Bihar in order to open one high school in each panchayat. This demand was put before ministry of human resources development under secretary Vrinda Swaroop in course of her meeting with education department principal secretary Amrjit Sinha.

She was told that Bihar has only 3,000 high schools of which 1,000 were upgraded to plus 2 but still teachers have not been appointed there. Under the Sarva Siksha Abhiyan, the centre has provided fund for the construction of extra classrooms in the existing schools. Bihar officials pointed out that fund had not been released for the purpose.

News Source : http://timesofindia.indiatimes.com/city/patna/Bihar-to-appoint-1-25-lakh-primary-teachers/articleshow/14387397.cms 

Saturday, June 23, 2012

AIPMT-एआइपीएमटी का संशोधित परिणाम जारी

एआइपीएमटी का संशोधित परिणाम जारी
इलाहाबाद : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को ऑल इंडिया प्री मेडिकल/प्री डेंटल परीक्षा का रिवाइज परिणाम जारी किया है। परिणाम सुप्रीम कोर्ट के सात जून 2012 को दिए गए आदेश के आलोक में रिवाइज किया गया है। रिवाइज परिणाम एआइपीएमटी.एनआइसी.इन पर देखा जा सकता है। सफल परीक्षार्थियों के रैंक लेटर जल्द की एआइपीएमटी की वेबसाइट पर अपलोड होंगे। ऑनलाइन काउंसिलिंग का विस्तृत विवरण एमओएचएफडब्ल्यू .एनआइसी.इन पर देखा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सात जुलाई 2012 को ऑनलाइन काउंसिलिंग के संदर्भ में दिए गए आदेश में कहा गया है कि एलॉटमेंट के लिए उपलब्ध सीटों के पांच गुणा परीक्षार्थियों को ऑनलाइन काउंसिलिंग में भाग लेने का मौका दिया जाए। इस आदेश के आलोक में सीबीएसई ने एआइपीएमटी का अंतिम परीक्षा परिणाम रिवाइज कर दिया है। एआइपीएमटी में 2200 के लगभग सीटें हैं। सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद अब 11 हजार के परीक्षार्थी ऑनलाइन काउंसिलिंग में भाग ले सकेंगे। सीबीएसई द्वारा रिवाइज परिणाम के अनुसार मेरिट लिस्ट में सामान्य वर्ग के 470 से 375 अंक, एससी के 437 से 290, एसटी के 410 से 226, सामान्य वर्ग के 380 से 194 अंक पाने वाले विकलांग, एससी के 237 से 235 अंक पाने वाले विकलांग व 233 से 215 अंक पाने वाले एसटी के विकलांग परीक्षार्थी शामिल हैं।
source-dainik jagran 23/6/12

इग्नू में 15 जुलाई तक होंगे प्रवेश

इग्नू में 15 जुलाई तक होंगे प्रवेश
इलाहाबाद : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुरू है। परास्नातक, स्नातक, पीजी डिप्लोमा, डिप्लोमा और छह महीने के सर्टिफिकेट पाठयक्रम के जुलाई-2012 सत्र में प्रवेश लिया जा रहा है। प्रवेश फार्म इग्नू अध्ययन केंद्रों से लिए जा सकते हैं। एमबीए, बीएड के प्रवेश परीक्षा के लिए 15 जुलाई तक आवेदन किए जा सकते हैं। यह जानकारी इग्नू समन्वयक डॉ. आरपी चतुर्वेदी ने दी। source-dainik jagran 23/6/12

UPTGT,UPPGT-मिलेगी ओएमआर शीट की प्रति, जारी होगी मेरिट

मिलेगी ओएमआर शीट की प्रति, जारी होगी मेरिट
इलाहाबाद : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने शुक्रवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए। आगामी परीक्षाओं में चयन बोर्ड ने ओएमआर शीट की एक प्रति परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को देने, परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी वेबसाइट पर जारी करने का निर्णय लिया गया है।

बैठक के बाद माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से सही उत्तर जारी करने के बाद अभ्यर्थियों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। 15 दिनों में अभ्यर्थियों द्वारा की गई आपत्तियों का विषय विशेषज्ञों द्वारा निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके अलावा लिखित परीक्षा व साक्षात्कार के बाद चयनित व असफल अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट भी जारी की जाएगी। चयन बोर्ड ने इसके अलावा प्रवेश पत्र भेजने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अब प्रवेश पत्र ऑनलाइन ही मिलेगा। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड करना होगा। किसी भी अभ्यर्थी को डुप्लीकेट प्रवेश पत्र नहीं दिया जाएगा। ज्ञातव्य है कि प्रतियोगी परीक्षार्थी चयन बोर्ड से मेरिट लिस्ट वेबसाइट पर जारी करने की लंबे समय से मांग करते रहे हैं। इसके अलावा परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर जारी करने की भी मांग को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन हुआ है। अभी तक सूचना के अधिकार के तहत बोर्ड द्वारा तय किए गए सही उत्तर मिलते थे। इस नई व्यवस्था से अभ्यर्थियों को सहूलियत मिलेगी।source-dainik jagran 23/6/12

BETET-मा. विद्यालयों में नियुक्त होंगे 20 हजार शिक्षक

BETET-मा. विद्यालयों में नियुक्त होंगे 20 हजार शिक्षक
समीक्षा बैठक शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अमरजीत सिन्हा के कार्यालय कक्ष में हुई। बैठक के दौरान केंद्रीय अपर सचिव को बताया गया कि प्रत्येक पंचायत में एक माध्यमिक विद्यालय की स्थापना की जाएगी। राज्य में कुल 8442 पंचायत हैं। वर्तमान में 4 हजार माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जबकि 4 हजार और माध्यमिक विद्यालय की आवश्यकता है। श्रीमती स्वरूप ने राज्य सरकार से आरटीइ के आलोक में तैयारी की जानकारी ली। उन्होंने जानना चाहा कि आरटीइ के हिसाब से राज्य में और कितने शिक्षक तथा स्कूलों में कमरों की आवश्यकता है? उन्होंने प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में जितने मिडिल स्कूल माध्यमिक विद्यालय में उत्क्रमित किये गये हैं, उन विद्यालयों के भवन निर्माण और अतिरिक्त कमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बैठक में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक राहुल सिंह समेत सभी निदेशालयों के निदेशक भी मौजूद थे।
source-dainik jagran 23/6/12

BETET-सवा लाख शिक्षकों की प्रारंभिक विद्यालयों में होगी(7 अगस्त को सभी नियोजन इकाइयों द्वारा शिक्षक नियोजन के लिए सूचना जारी करेगी)

BETET- राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में सवा लाख शिक्षकों की बहाली होगी। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में सफल हुए अभ्यर्थियों के आवेदन आगामी 8 अगस्त से सभी नियोजन इकाइयों में जमा होंगे, जो 8 सितम्बर तक लिये जायेंगे।
बहाली निकाय प्रारंभिक शिक्षक (नियोजन एवं सेवा शर्त) नियमावली-2012 की कंडिका-17 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने शिक्षक नियोजन संबंधी शिड्यूल तैयार किया है। उन्होंने बताया कि 30 जून तक जिलों द्वारा नियोजन इकाईवार रिक्त पदों एवं आवश्यक अतिरिक्त पदों की गणना सुनिश्चित कर ली जाएगी। इसके बाद सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम अधिकारियों को शिक्षक नियोजन संबंधी राज्यस्तरीय प्रशिक्षण आगामी 6 जुलाई को पटना में दिया जाएगा। 9 से 21 जुलाई तक नियोजन से जुड़े कर्मचारियों को जिला एवं प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। नियोजन मार्गदर्शिका के मुताबिक आगामी 7 अगस्त को सभी नियोजन इकाइयों द्वारा शिक्षक नियोजन के लिए सूचना जारी करेगी। 9 से 24 सितम्बर तक अभ्यर्थियों की मेधा सूची तैयार की जाएगी। 3 अक्टूबर को मेधा सूची का नियोजन समिति से अनुमोदन होगा और 6 अक्टूबर को उस मेधा सूची को सार्वजनिक किया जाएगा। 8 से 22 अक्टूबर तक अभ्यर्थियों से आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद 31 अक्टूबर तक आपत्तियों का निराकरण होगा और 5 नवम्बर को संशोधित मेधा सूची को प्रकाशित किया जाएगा। 9 से 17 नवम्बर तक मेधा सूची के अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्रों की जांच होगी। इसके बाद 30 नवम्बर तक जिला द्वारा पंचायत एवं प्रखंड के मेधा सूची का अनुमोदन होगा। 3 दिसम्बर को नियोजन इकाइयों द्वारा मेधा सूची को सार्वजनिक किया जाएगा।
SOURCE-dainik jagran 23/6/12

Thursday, May 31, 2012

सीटीईटी का परीक्षा परिणाम घोषित

संशो..सीटीईटी का परीक्षा परिणाम घोषित
वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) का परिणाम घोषित कर दिया गया है।

इस परीक्षा में छह लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परिणाम वेबसाइट सीटीईटी.एनआइसी.इन पर देखा जा सकता है। केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, तिब्बती स्कूलों, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन विद्यालयों में कक्षा एक से 8वीं तक शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीटीईटी परीक्षा का आयोजन करता है।
source-dainik jagran 30/5/12

UPTET-अभ्यर्थियों ने फिर जताया आक्रोश

अभ्यर्थियों ने फिर जताया आक्रोश
लखनऊ, 30 मई (जासं) : अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करके इसकी मेरिट के आधार पर नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने बुधवार को फिर विधान भवन के सामने हंगामा किया। सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने सड़क पर लेटकर आक्रोश व्यक्त किया, बैरीकेडिंग भी तोड़ डाली। उन पर काबू पाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सौ से अधिक अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया। जिला प्रशासन का कहना है कि अभ्यर्थी बिना अनुमति के प्रदर्शन कर रहे थे। गिरफ्तारी की मंशा नहीं है, सबको छोड़ दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि टीईटी मेरिट के आधार पर जल्द से जल्द नियुक्ति की मांग को लेकर मंगलवार को अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान काफी लोग घायल भी हो गए थे। बुधवार को एक बार फिर अभ्यर्थी विधान भवन के सामने एकजुट हुए। सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए, इससे यातायात बाधित हो गया। काफी प्रयास के बाद भी जब अभ्यर्थी नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सौ से अधिक को हिरासत में ले लिया। एडीएम पूर्वी आरपी सिंह और एसपी पूर्वी राजेश कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि अभ्यर्थी बिना अनुमति के प्रदर्शन कर रहे थे। जमीन पर लेटे अभ्यर्थियों को उठाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। लाठी चार्ज नहीं किया गया है। अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इस बाबत मुख्यमंत्री और सचिव बेसिक शिक्षा से पहले ही वार्ता हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए कमेटी भी बना दी है। तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन जेल में हैं। ऐसे में इस मामले पर निर्णय होने में समय लग रहा है। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की मांगों पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है। विधानसभा सत्र चलने तक अभ्यर्थियों को किसी तरह के आंदोलन की इजाजत नहीं दी जा सकती।
source-dainik jagran 31/5/12

तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण पर होगी कार्रवाई-up


तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण पर होगी कार्रवाई

लखनऊ : शिक्षक विधायकों ने बुधवार को विधान परिषद में तदर्थ शिक्षकों को नियमित किए जाने का प्रकरण जोर-शोर से उठाया। सभापति गणेश शंकर पांडेय ने इस मामले को जरूरी कार्रवाई के लिए सरकार को संदर्भित कर दिया।

शिक्षक विधायक दल के नेता ओम प्रकाश शर्मा के साथ ही सुरेश कुमार त्रिपाठी, जगवीर किशोर जैन, हेम सिंह पुंडीर, देवी दयाल शास्त्री, सुभाष चंद्र शर्मा, ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शून्य काल में यह मामला उठाते हुए इसपर चर्चा की मांग की। राजबहादुर सिंह चंदेल और चेत नारायण सिंह का कहना था कि पिछले 17 सालों से सेवारत इन शिक्षकों को नियमित नहीं किया जा सका है। शर्मा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव 2007 में इन्हें नियमित करने वाले थे लेकिन चुनावी आचार संहिता के कारण ऐसा न कर सके। भाजपा की ओर से डा. यज्ञ दत्त शर्मा ने कहा कि सरकार 1976, 77, 85, 91 एवं 93 में नियमितीकरण कर चुकी है इसलिए ऐसा करने में कोई विधिक अड़चन नहीं है।

सरकार की ओर से मंत्री बलराम यादव ने कहा कि इस समय भी आचार संहिता का घेरा है। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार सदन में ही तदर्थ शिक्षकों को नियमित किए जाने की घोषणा करे। सदन में आचार संहिता लागू नहीं होती। उन्होंने मांग की कि सरकार इतना ही आश्वासन दे दे कि किसी तदर्थ शिक्षक को निकाला नहीं जाएगा। मंत्री ने कहा, सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी।
source-dainik jagran 31/5/12

Wednesday, May 30, 2012

UPTET-टीईटी अभ्यर्थियों को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजीं


टीईटी अभ्यर्थियों को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजीं

लखनऊ (एसएनबी)। मेरिट के आधार पर नियुक्ति किये जाने की मांग को लेकर टीईटी पास अभ्यर्थियों ने मंगलवार को विधानभवन के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से मार्ग जाम हो जाने के कारण पुलिस ने पहले तो टीईटी पास अभ्यर्थियों को हटाने के लिए समझाने- बुझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए सड़क पर लाठियां पटकनी शुरू कर दीं। इससे आधा दर्जन प्रदर्शनकारी घायल हो गये जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। विधानभवन के सामने से खदेड़े जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थल पर एकत्रित होकर प्रदर्शन जारी रखा। देर शाम पुलिस ने दो सौ से अधिक प्रदर्शनकारियों को धरनास्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को दोपहर में टीईटी पास अभ्यर्थी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई। अपराह्न दो बजे प्रदर्शनकारी सैकड़ों अभ्यर्थी धरनास्थल से निकलकर विधानभवन के सामने मार्ग पर पहुंचकर जाम लगाने लगे। विधानसभा सत्र चलने के कारण विधानभवन के सामने मुख्य मार्ग जाम हो जाने से पुलिस व पीएसी जवानों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए सड़क पर लाठियां पटकनी शुरू कर दीं जिससे भगदड़ मच गयी। भगदड़ के दौरान आधा दर्जन प्रदर्शनकारी घायल हो गये। घायलों में आजमगढ़ के आजाद यादव, प्रवीण सचान, रमा त्रिपाठी, प्रीति, गणोश दीक्षित, प्रत्युष, राजेश प्रताप सिंह प्रमुख हैं। घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसमें आजाद यादव की हालत गंभीर होने के कारण उसे इमरजेंसी में भेजा गया। खदेड़े जाने के बाद करीब दो सौ टीईटी पास अभ्यर्थी पुन: धरना स्थल पर पहुंचकर धरने पर बैठ गये। निर्भय सिंह व वैभव यादव ने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद टीईटी पास अभ्यर्थियों में न्याय की उम्मीद जगी थी और चुनाव के दौरान टीईटी पास अभ्यर्थियों ने जुटकर सपा की प्रदेश में सरकार बनाने में अहम भूमिका निभायी। इसके बावजूद हमें शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने भी नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों का पूरा नहीं किया, तो प्रदेशभर में टीईटी पास अभ्यर्थी आंदोलन करने को विवश होंगे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर बर्बरतापूर्वक लाठियां चलायीं और महिलाओं को भी नहीं बख्शा। पुलिसकर्मियों ने कई महिलाओं के बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को देर शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पूर्व डेढ़ सौ टीईटी पास अभ्यर्थियों को चारबाग रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया जिन्हें रेलवे स्टेडियम में रखा गया। यहां पर भी इन लोगों ने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी टीईटी पास अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि वे बिना नियुक्ति पत्र लिये वापस घर लौटने वाले नहीं हैं। विधानभवन के सामने प्रदर्शन कर रहे टीईटी पास अभ्यर्थियों को हटाने के लिए जूझती पुलिस। SOURCE- RASTRIYA SAHARA  30/5/12

इंजीनियरिंग की होगी सिंगल प्रवेश परीक्षा, खाका तय

इंजीनियरिंग की होगी सिंगल प्रवेश परीक्षा, खाका तय
इंजीनियरिंग सिंगल प्रवेश परीक्षा के संशोधित प्रारूप पर आईआईटी, एनआईटी तथा ट्रिपल आईटी काउंसिल ने सर्वसम्मति से मुहर लगा दी है। इस प्रवेश परीक्षा में छात्रों को एक ही दिन में दो प्रश्नपत्र हल करने होंगे। पहला मेन और दूसरा एडवांस।

दोनों पेपर के अंकों और 12वीं के अंकों के आधार पर आईआईटी, अन्य केंद्रीय संस्थानों तथा राज्यों के इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेश के लिए अलग मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। बैठक के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने इस बारे में ऐलान किया। परीक्षा का नया प्रारूप आईआईटी-जेईई और एआईईईई की जगह लेगा।

सिब्बल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर 2013 से आयोजित इस परीक्षा का नाम ज्वाइंट इंट्रेस एक्जाम (जेईई) होगा। इसमें कुल दो पेपर होंगे। मेन और एडवांस। दोनों पेपरों में प्रश्न वैकल्पिक आधार पर पूछे जाएंगे। परीक्षा के आयोजन तथा पेपर आदि तैयार कराने की जिम्मेदारी ज्वाइंट एट्रेंस बोर्ड (जैब) की होगी। इस परीक्षा के आधार पर आईआईटी, एनआईटी और अन्य केंद्रीय संस्थान तथा राज्य अलग-अलग तरीके से अपनी मेरिट लिस्ट तैयार कर सकेंगे।

आईआईटी मेरिट लिस्ट
आईआईटी परीक्षा में शामिल छात्रों के 12वीं के (नार्मलाइज्ड पद्धति पर निर्धारित) अंकों तथा जेईई मेन पेपर के अंकों को जोड़कर एक लिस्ट तैयार की जाएगी। इसमें से कुल उपलब्ध सीटों की पांच गुना संख्या के बराबर छात्रों का नाम छांट लिया जाएगा। यही छात्र आईआईटी में प्रवेश के लिए योग्य माने जाएंगे। इन छात्रों की मेरिट लिस्ट इन्हें जेईई एडवांस पेपर में मिले प्राप्तांक के आधार पर अलग से जारी की जाएगी। आईआईटी के लिए इन्हीं छात्रों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा।

एनआईटी एवं आईआईआईटी की मेरिट लिस्ट
सिब्बल ने बताया कि अन्य केंद्रीय तकनीकी संस्थानों एनआईटी, आईआईआईटी आदि की मेरिट लिस्ट 40:30:30 के फार्मूला से तैयार होगी। 12वीं के अंक को 40 तथा जेईई मेन तथा एडवांस पेपर के अंक को 30-30 अंक का महत्व दिया जाएगा। इस मेरिट लिस्ट में परीक्षा में बैठे सभी छात्र शामिल होंगे।

राज्यों की मेरिट लिस्ट
प्रस्तावित परीक्षा में अभी तक हरियाणा, गुजरात तथा महाराष्ट्र राज्य ने शामिल होने पर सहमति जताई है। राज्यों को प्रदेश के इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए मेरिट तय करने का स्वयं अधिकार होगा। वे चाहें तो अन्य केंद्रीय संस्थानों के पैटर्न को स्वीकार कर सकते हैं या वे इंटरमीडिएट के अंक को 40 फीसदी से ज्यादा महत्व देते हुए जेईई मेन व एडवांस के महत्व को कम करके मेरिट तय कर सकते हैं। राज्य चाहें तो जेईई एडवांस पेपर को मेरिट से बाहर भी कर सकते हैं।

छात्रों को कई परीक्षाओं से बचाने और स्कूली शिक्षा के महत्व के लिए सिंगल प्रवेश परीक्षा जरूरी थी।--कपिल सिब्बल, मानव संसाधन विकास मंत्री
source-amar ujala 29/5/12

UPPSC-यूपीपीएससी में उम्र सीमा बढ़नी तय

यूपीपीएससी में उम्र सीमा बढ़नी तय

-प्रमुख सचिव, कार्मिक ने दोबारा आयोग का मांगा अभिमत

-लोक सेवा आयोग अपने पूर्व के अभिमत पर अडिग, फिर जवाब भेजा

वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में उम्र सीमा 35 से 40 किया जाना अब लगभग तय हो गया है। आयोग के जवाब से असंतुष्ट प्रमुख सचिव कार्मिक ने दोबारा इस मुद्दे पर राय मांगी थी, जिसका आयोग ने मंगलवार को पुन: जवाब दे दिया है। हालांकि आयोग अपने सोमवार को भेजे गए जवाब पर अडिग रहा। सूत्रों के मुताबिक अब इस मसले पर कैबिनेट की जल्द मुहर लगने के प्रबल आसार हैं।

प्रमुख सचिव, कार्मिक राजीव कुमार ने शुक्रवार को लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अधिकतम उम्रसीमा 35 से बढ़ाकर 40 वर्ष किए जाने पर आयोग की राय मांगी थी। आयोग ने इस पत्र के जवाब में अपने अभिमत में कहा था कि शासन अगर उम्रसीमा बढ़ाना ही चाहता है तो आयोग को इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी। हालांकि आयोग ने यह भी कहा कि यदि उम्रसीमा बढ़ाई गई और अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ और वह 45 वर्ष की उम्र पार कर गया तो वह फ्रस्टेट हो जाएगा। इसके बाद वह क्या करेगा? इसके अलावा यदि कोई अभ्यर्थी 21 वर्ष में चयनित होगा और दूसरा 45 वर्ष का तो एक ही पद पर जनरेशन गैप होगा। आयोग ने यह भी कहा है कि यदि शासन उम्रसीमा बढ़ा ही रहा है तो संघ लोक सेवा आयोग की तर्ज पर यूपीपीएससी की परीक्षाओं में भी अटेम्प्ट को सीमित कर दिया जाना चाहिए। शासन को आयोग का जवाब मिलने के बाद प्रमुख सचिव कार्मिक ने मंगलवार को आयोग को दोबारा पत्र भेजकर उसका अभिमत मांगा। आयोग ने अपने पूर्व में भेजे गए अभिमत पर अडिग रहते हुए शासन को दोबारा अपना जवाब भेज दिया है।

सूत्रों की मानें तो शासन लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में उम्रसीमा पांच साल बढ़ाए जाने का मन बना लिया है। इस मामले में प्रतियोगियों का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिला था। प्रतियोगी छात्रों के मुताबिक सीएम ने प्रतिनिधि मंडल को उम्र बढ़ाने के प्रति आश्वस्थ किया था। फिलहाल प्रतियोगियों की निगाहें अब कैबिनेट के फैसले पर टिक गई हैं।

source-dainik jagran 29/5/12

UP-मुंसिफ मजिस्ट्रेट परीक्षा-एक दो नहीं, 20 उत्तरों पर उठे सवाल



एक दो नहीं, 20 उत्तरों पर उठे सवाल
-मुंसिफ मजिस्ट्रेट परीक्षा-

-अभ्यर्थियों ने आयोग से संशोधित आंसर की देने की मांग की

वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : लोक सेवा आयोग गन्ने को भारतीय मूल की फसल नहीं मानता। लोक सेवा आयोग के अनुसार मक्का भारतीय मूल की फसल है, जबकि अभ्यर्थियों को इस पर आपत्ति है। ऐसे ही आयोग के अनुसार सबसे बड़ा चांदी उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश है, जबकि अभ्यर्थी राजस्थान को मान रहे हैं। विडंबना ही है कि जिस परीक्षा का उच्च न्यायालय पर्यवेक्षण करता है उस परीक्षा के एक दो नहीं 20 प्रश्नों के उत्तरों पर अभ्यर्थियों ने आपत्तियां उठा दी हैं। इतने बड़े पैमाने पर आपत्तियां आने पर प्रतियोगी छात्र भी हतप्रभ हैं।

लोक सेवा आयोग ने 13 मई को मुंसिफ मजिस्ट्रेट के 76 पदों के लिए प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की थी। आयोग ने अभी हाल ही में इस परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों पर आपत्तियां मांगी हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग द्वारा बताए गए 20 प्रश्नों के विकल्पों पर आपत्ति दर्ज कराई है। मंगलवार को अभ्यर्थियों ने आयोग को लिखित रूप में प्रत्यावेदन दिया है। सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्र में आयोग ने संगीत नाटक अकादमी की स्थापना का वर्ष 1953 को माना है, जबकि अभ्यर्थी 1952 को सही मान रहे हैं। ऐसे ही आयोग ने रायल कमीशन ऑन द पब्लिक सर्विसेज इंडिया 1912 के सदस्य गोपाल कृष्ण गोखले को मान रहा है जबकि अभ्यर्थी बालगंगाधर तिलक को मान रहे हैं।

भारत सरकार को सबसे ज्यादा आय निगमकर से होती है जबकि आयोग संघीय उत्पाद से मान रहा है। निर्भय की अधिकतम गति 0.65 है, जबकि आयोग इसे गलत बता रहा है। सबसे अधिक यूरेनियम भंडर आस्ट्रेलिया में है, जबकि आयोग इसे कनाडा में मान रहा है। ऐसे ही आयोग ने ए सीरीज की बुकलेट में प्रश्न संख्या 103 का सही उत्तर डी है, जबकि आयोग सी बता रहा है। 127 प्रश्न का सही उत्तर सी है, जबकि आयोग डी मान रहा है। प्रश्न संख्या पांच का सही उत्तर डी है, जबकि आयोग सी मान रहा है। ऐसे ही विधि के पेपर में ए सीरीज की बुकलेट में प्रश्न संख्या 10 का सही उत्तर अभ्यर्थी डी को मान रहे हैं। प्रश्न संख्या 13 का सही उत्तर ए है, जबकि आयोग सी को मान रहा है।

प्रश्न संख्या 50 में सही ए है, जबकि आयोग डी को सही बता रहा है। प्रश्न 52 का सही ए है आयोग डी को सही मान रहा है। प्रश्न 66 का सही डी, जबकि आयोग सी को मान रहा है। प्रश्न 133 का सही डी, जबकि आयोग सी को सही बता रहा है। प्रश्न संख्या 138 का सही उत्तर सी है, जबकि आयोग बी को, प्रश्न संख्या 150 का सही उत्तर डी है जबकि आयोग सी को मान रहा है। अभ्यर्थियों ने आयोग द्वारा बताए गए इन विकल्पों पर प्रत्यावेदन देकर आपत्ति दर्ज कराई है। प्रतियोगी छात्र अनुराग त्रिपाठी, अजय त्रिपाठी, संदीप चौबे, संतोष पांडेय व संजीव मिश्रा आदि ने आयोग से संशोधित आंसर की जारी करने की मांग की है।

UPTET -टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से भरे जाएंगे रिक्त पद

टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से भरे जाएंगे रिक्त पद

लखनऊ, जाब्यू : प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों के रिक्त पदों को टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से ही भरा जाएगा। इसके लिए कार्यवाही की जा रही है।

यह जानकारी बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने मंगलवार को कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा किए गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही की जा रही है। सहायक अध्यापक के एक लाख 77 हजार 819 पद रिक्त हैं जबकि प्रधानाध्यापकों के 25 हजार 58 पद रिक्त हैं।

source-dainik jagran 30/5/12

प्रदेश के 62 हजार शिक्षामित्रों को अब 2013 की बजाय जुलाई 2012 से ही दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बीटीसी की ट्रेनिंग करायी जाएगी।



-जल्द जारी होगा शासनादेश




-पहले 2013 से थी प्रशिक्षण शुरू करने की योजना




लखनऊ, जागरण ब्यूरो : प्रदेश के 62 हजार शिक्षामित्रों को अब 2013 की बजाय जुलाई 2012 से ही दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बीटीसी की ट्रेनिंग करायी जाएगी। समाजवादी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र को अमली जामा पहनाने और बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की जबर्दस्त कमी से निपटने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने यह फैसला किया है। शासन स्तर पर इस बारे में सहमति बन गई है। इस संबंध में जल्दी शासनादेश जारी होने की संभावना है।




समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में एलान किया था कि प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों को अगले दो वर्षों में समायोजित कर दिया जाएगा। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 1.70 लाख शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1.24 लाख शिक्षामित्र स्नातक हैं जबकि शेष 46 हजार इंटरमीडिएट उत्तीर्ण हैं। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 14 जनवरी 2011 को राज्य सरकार को स्नातक शिक्षामित्रों को दूरस्थ शिक्षा के जरिये दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण दिलाये जाने की अनुमति दे दी थी। एनसीटीई से मंजूरी मिलने के बाद गत वर्ष 62 हजार स्नातक शिक्षामित्रों के पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई थी। उस समय यह तय हुआ था कि बचे हुए स्नातक शिक्षामित्रों के दूसरे बैच की ट्रेनिंग जुलाई 2013 से करायी जाएगी। तब तक पहले बैच की ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी।




इस बीच प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हो गया। सूबे में सत्तारूढ़ हुई सपा सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बेसिक शिक्षा विभाग ने अपनी प्राथमिकताएं तय कीं। विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय को अपनी जो प्राथमिकताएं भेजी थीं, उनमें स्नातक शिक्षामित्रों के दूसरे बैच की ट्रेनिंग जुलाई 2012 से ही शुरू कराने की मंशा जतायी थी ताकि दो साल के अंदर सभी स्नातक शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण पूरा हो सके। इस सिलसिले में शासन को बेसिक शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

source-dainik jagran 30/5/12

UPTET-फिर फूटा टीईटी अभ्यर्थियों का गुस्सा

फिर फूटा टीईटी अभ्यर्थियों का गुस्सा
लखनऊ : आखिरकार टीईटी अभ्यर्थियों का गुस्सा फिर फूट पड़ा। नियुक्ति की मांग को लेकर राजधानी में मंगलवार को हजारों टीईटी अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए और विधानसभा भवन के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस बल प्रयोग से कई बार भगदड़ मची, जिसमें दर्जनों युवाओं को चोटें आईं। सायं सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस बीच प्रदेश सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों के रिक्त पदों को टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से भरे जाने के लिए आश्वस्त किया। घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह ही चारबाग पर टीईटी अभ्यर्थियों का जुटना शुरू हो गया था। आगे बढ़ने से रोककर उन्हें उत्तर रेलवे के स्टेडियम ले जाया गया। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई। तब तक हजारों अभ्यर्थी विधानसभा के सामने धरना स्थल पर पहुंच गए और जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें सड़क से उठाना शुरू कर दिया। इससे मची भगदड़ में कई लोग चोट खा गए। सीतापुर से शिवपाल सिंह, हरदोई से ट्विंकल यादव, आजमगढ़ से आजाद यादव, मधुकर वर्मा, हरदोई से पंकज यादव, कानपुर से प्रवीन सचान, रमा त्रिपाठी और उन्नाव से आए अतुल तिवारी समेत कई लोग घायल हो गए। गरमी और भगदड़ से दो-तीन युवक अचेत हो गए। भगदड़ मचने पर अभ्यर्थी दारुलशफा में घुस गए और धरने पर बैठ गए। पांच बजे पुलिस ने उन्हें वहां से जबरन उठाने की कोशिश की, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। इस पर पांच सौ अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनकी अगुआई कर रहे राजेश प्रताप सिंह का कहना था कि सरकार उन्हें बार-बार आश्र्वासन दे रही है। सरकार ने आचार संहिता लागू होने से पहले टीजीटी-पीजीटी की नियुक्तियों पर से रोक हटा ली, लेकिन टीईटी पर आचार संहिता का बहाना बना रही है। इस बीच बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने मंगलवार को कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा किए प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही की जा रही है।
source-dainik jagran 30/5/12

up-टीचरों को मिल सकता है मानदेय

टीचरों को मिल सकता है मानदेय
लखनऊ, जाब्यू : वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए अच्छी खबर। मंगलवार को विधानसभा में भाजपा के सुरेश खन्ना के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तरफ से बताया गया कि वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को जीविकोपार्जन के लिए मासिक मानदेय दिए जाने का प्रकरण विचाराधीन है। सरकार ने माना कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के लिए कोई सेवा नियमावली नहीं है। शिक्षामित्रों का समायोजन होगा : सुरेश खन्ना के ही एक अन्य सवाल के जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने बताया कि शिक्षा मित्रों का समायोजन सरकार की प्राथमिकता में है। चरणबद्ध तरीके से 2014 तक शतप्रतिशत समायोजन की योजना है। करीब 40 हजार शिक्षा मित्र स्नातक डिग्रीधारी होने के बाद समायोजित कर लिए जाएंगे। उन्होंने मानदेय बढ़ाने या डिग्री लेने के लिए विशेष अनुमति देने से इनकार किया।
source-dainik jagran 30/512

Tuesday, May 29, 2012

UPSEE-यूपीएसईई में 80 फीसद से अधिक पास

यूपीएसईई में 80 फीसद से अधिक पास

- सीटें भरने के लिए पिछली बार की अपेक्षा दो गुना अभ्यर्थी उत्तीर्ण

- राजधानी के रघुवंश राज सक्सेना टॉप पर, नोएडा की अदिति जैन लड़कियों में अव्वल

लखनऊ, 26 मई (जागरण संवाददाता) : प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के लिए हुई उत्तर प्रदेश राज्य प्रवेश परीक्षा में इस बार 80 फीसद से अधिक पास हुए हैं। छात्रों की कमी से उखड़ रहे शिक्षक संस्थाओं को संजीवनी देने का गौतम बुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय प्रशासन का यह एक प्रयास है। हालांकि कुलपति प्रो.कृपाशंकर इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है। आइआइटी में 31 रैंक हासिल करने वाले राजधानी के रघुवंश राज सक्सेना ने एसईई में पहली रैंक हासिल की है। लड़कियों में नोएडा की अदिति जैन ने अव्वल रही हैं, सामान्य रैंक दूसरी है।

गौतम बुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय और महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के लिए 22 अप्रैल को आयोजित यूपीएसईई का परिणाम रविवार को जारी कर दिया गया। बी-टेक एंड बी-टेक एग्रीकल्चर में 160561 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, इनमें से 129924 सफल हुए। 80.71 फीसद लड़कों ने सफलता अर्जित की है, वहीं लड़कियों का पास प्रतिशत 81.80 है। बी-टेक बायोटेक में 9513 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया जबकि 7365 पास हुए। बी-फार्मा में 10663 में से 7828, बी-आर्क में 13817 में से 9582, बीएचएमसीटी में 2915 में से 1678 और बी-फैड में 2378 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, उसमें 1315 सफल हुए हैं। पिछली बार एसईई में जहां कुल 45 फीसद अभ्यर्थी सफल हुए थे वहीं इस बार यह आंकड़ा 80 फीसद को भी पार कर गया है। इसकी संभावना भी पहले ही जताई जा रही थी। कारण साफ है कि प्रदेश में 740 इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट कॉलेज हैं। इनकी सीटें भरना बड़ी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। एमबीए और एमसीए में 70 फीसद से अधिक सीटें काउंसिलिंग के बाद खाली रह जाती है। बी-टेक का भी यही हाल है। इस बार जीबीटीयू प्रशासन ने अधिक से अधिक छात्रों को पास करके छात्रों का टोटा खत्म करने का प्रयास किया है। इसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। फिलहाल परिणाम जारी कर दिया गया है। यह जीबीटीयू और एमटीयू की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। प्रेस क्रांफ्रेंस में जीबीटीयू के कुलपति प्रो.कृपाशंकर ने बताया कि परिणाम के साथ अभ्यर्थी कुंजी भी देख सकते हैं। यदि किसी को परिणाम से संबंधित आपत्ति है तो वह सात दिनों में रिपोर्ट कर सकता है।

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मेधावियों को मिलेगा मौका

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के निर्देशानुसार सभी तकनीकी संस्थाओं में बीटेक, बीफार्मा, बीएफएडी, बीएचएमसीटी और बीआर्क पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु स्वीकृत कुल प्रवेश क्षमता के पांच फीसद अतिरिक्त सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर मेरीटोरियस अभ्यर्थियों का प्रवेश लिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों को मुफ्त शिक्षा देने का अनुमोदन भी दे दिया गया है। यह व्यवस्था जीबीटीयू और एमटीयू से संबद्ध शासन द्वारा वित्तपोषित तकनीकी संस्थाओं में लागू की जा रही है। अभ्यर्थियों के अभिभावकों की वार्षिक आय 4.50 लाख रुपये से कम होना चाहिए।
source-dainik jagran 27/5/12

RPSC-आरपीएससी की लेखाकार भर्ती परीक्षा में गलतियों की भरमार

आरपीएससी की लेखाकार भर्ती परीक्षा में गलतियों की भरमार
परिणाम के बाद भी 1,374 पदों में से 880 खाली रह गए, आयोग नहीं दे रहा अभ्यर्थियों को सही जानकारी, प्रश्न पत्र से सवाल हटाए लेकिन नहीं दिए बोनस अंक


जयपुर.लेखाकार व कनिष्ठ लेखाकार सीधी भर्ती परीक्षा 2011 के अभ्यर्थियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से शिकायत की कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने इस परीक्षा से लेकर परिणाम में कई गलतियां की हैं। आयोग की इस लापरवाही के कारण कई अभ्यर्थियों का नौकरी पाने का सपना टूट गया।

अग्रवाल फार्म निवासी वीरेंद्र सिंह, त्रिवेणी नगर निवासी रामधन मीणा, बजाज नगर निवासी मुकेश कुमार और गोविंद प्रसाद गुप्ता ने मांग की है कि आरपीएससी हटाए गए प्रश्नों के बोनस अंक दे और परीक्षा में पास होने की न्यूनतम प्राप्तांक 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत कर दे तो रिक्त पद भरे जा सकते हैं।

880 पद खाली रह गए

आरपीएससी ने सितंबर 2011 में लेखाकार के 413 और कनिष्ठ लेखाकार के 961 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की थी। नौ मई को घोषित परिणाम में लेखाकार के 395 पद और कनिष्ठ लेखाकार के केवल 95 पद ही भरे गए। यानी कुल 1,374 पदों में से 880 पद रिक्तरह गए।

आरपीएससी ने ये गलतियां कीं

:भर्ती की विज्ञप्ति में 450 अंकों का एक प्रश्न पत्र होना बताया। जबकि भर्ती परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र पर 100 अंक प्रिंट थे।

:परीक्षा का समय विज्ञप्ति में 2 घंटे 30 मिनट दर्शाया था, जबकि परीक्षा में दिए गए पेपर में 3 घंटे प्रिंट था।

:पेपर में 150 सवाल थे और एक सवाल 3 अंक का था। गलत उत्तर पर माइनस मार्किग थी। इसमें एक तिहाई अंक काटने का प्रावधान रखा। ऐसे में गलत उत्तर पर एक अंक काटना था, लेकिन अभ्यर्थियों को पॉइंट में नंबर दिए गए, जो नियमों के अनुसार संभव नहीं था।

:कई सवाल गलत मानते हुए पेपर से हटा दिए गए, लेकिन उनके बोनस अंक देने के बजाय इनके अंकों का शेष सवालों में समायोजन कर दिया। अभ्यर्थियों को इसकी जानकारी नहीं दी जा रही।

'अभ्यर्थियों ने न्यूनतम प्राप्तांक हासिल नहीं किए, इसलिए पद खाली रह गए। पेपर में पूर्णाक व पेपर का समय गलत प्रिंट हो गया था। इसकी जानकारी अभ्यर्थियों को दे दी गई थी। कुछ सवालों के ऑब्जेक्शन आने के बाद उन्हें हटा दिया गया। इनके अंक शेष सवालों में समायोजित कर लिए गए। इस कारण अभ्यर्थियों को पॉइंट में अंक प्राप्त हुए। आयोग रिक्तपद और सलेक्ट हुए अभ्यर्थियों की जानकारी सरकार को भेज देगा।'

रामलाल सोलंकी, उपसचिव, आरपीएससी

 source-bhaskar.com