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Wednesday, June 27, 2012

IIT-बोर्ड टॉपरों के लिए आसान होगी आइआइटी की राह


ठ्ठ राजकेश्वर सिंह, नई दिल्ली केंद्रीय इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए एकल संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) के कड़े विरोध के बीच नया रास्ता निकल सकता है। तब आइआइटी की बात भी रह जाएगी और स्कूल बोर्ड के अंकों को भरपूर तवज्जो (वेटेज) भी मिल जाएगी। आइआइटी काउंसिल ने नये फार्मूले को मंजूरी दी तो संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस में ऑल इंडिया रैंक में ऊंचा मुकाम हासिल करने वाले छात्रों को स्कूल बोर्ड के टॉप 20 से 30 प्रतिशत छात्रों में शामिल होना जरूरी हो जाएगा
। सूत्रों के मुताबिक एकल संयुक्त प्रवेश परीक्षा के विरोध में आइआइटी-कानपुर समेत दूसरे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के तेवरों को देखते हुए आइआइटी कौंसिल बुधवार की बैठक में नए फार्मूले पर फैसला कर सकती है। इसके तहत जेईई-मुख्य और जेईई-एडवांस की परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। बात बनी तो अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (एआइईईई) की तर्ज पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) अगले साल अप्रैल में जेईई-मुख्य परीक्षा का आयोजन कर सकता है। इसके बाद आइआइटी अपने स्तर पर जेईई-एडवांस का आयोजन कर सकता है। सूत्रों का कहना है कि चूंकि आइआइटी अपने यहां सर्वाधिक प्रतिभाशाली छात्रों को ही दाखिला देना चाहती है। लिहाजा, जेईई-एडवांस में बेहतरीन नतीजे वाले छात्रों में से ऑल इंडिया रैंकिंग करके आइआइटी अपने लिए छात्रों का चयन कर सकती है, लेकिन उनके दाखिले का दारोमदार उन छात्रों के स्कूल बोर्ड के अंकों पर निर्भर करेगा। बताते हैं कि जेईई-एडवांस में टॉप रैकिंग हासिल करने वाले उन्हीं छात्रों को आइआइटी दाखिला देगी, जो अपने स्कूल बोर्डो के टॉप 20 से 30 प्रतिशत छात्रों में शामिल होंगे। नए फार्मूले के पीछे तर्क यह है कि इससे सभी स्कूल बोर्ड में टॉप करने वाले 20 से 30 प्रतिशत छात्रों के लिए आइआइटी जैसे देश के हाई प्रोफाइल संस्थानों में दाखिले की राह खुल जाएगी। जबकि संस्थानों को देशभर से सबसे ज्यादा प्रतिभाशाली छात्र मिल जाएंगे।
    NEWS SOURCE-DAINIK JAGRAN 27/6/12